बरेली: एन कैप के ढाई करोड़ के बजट से प्रदूषण मुक्त होगा संजयनगर श्मशान गृह
नगर निगम कराएगा ग्रीन क्रिमेटोरियम का निर्माण, शव जलने के दौरान आसपास के वातावरण में नहीं फैलेंगे सूक्ष्म कण, धुआं भी होगा कम
फोटो- प्रमुख सचिव को एन कैप फंड से होने वाले कार्याों की जानकारी देती नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स, साथ में है अर्बन प्लानर दिलीप कुमार, अधिशासी अभियंता डीके शुक्ला
बरेली, अमृत विचार। सबसे ज्यादा व्यस्त रहने वाली संजयनगर श्मशान भूमि जल्द ही प्रदूषणमुक्त हो जाएगा और शवों को जलाने के दौरान यहां धुएं के साथ उड़ने वाले सूक्ष्म कण वातावरण में नहीं फैलेंगे। नगर निगम यहां ग्रीन क्रिमेटोरियम यानी जैव शवदाह गृह बनाने की तैयारी कर रहा है। ढाई करोड़ की लागत के इस प्रोजेक्ट का टेंडर हो चुका है। अगस्त तक इसका निर्माण पूरा हो जाएगा।
नगर निगम का खजाना तो खाली है लेकिन एन कैप फंड से मिले 21 करोड़ रुपये से पर्यावरण सुरक्षा के कई काम कराने की तैयारी है। इन्हीं में संजयनगर श्मशान भूमि को ग्रीन क्रिमेटोरियम बनाने का प्रोजेक्ट भी शामिल है। सर्वाधिक शवों का अंतिम संस्कार होने के कारण संजयनगर श्मशान भूमि को इसके लिए चुना गया है। इसके लिए श्मशान भूमि में एक जगह चिमनी और पाइप लगाया जाएगा जिसके जरिए धुआं ऊपर जाएगा। चिमनी के पास ही वाटर स्प्रिंकलर लगेगा। धुएं के साथ ऊपर जाने वाले कण पानी के छिड़काव से नीचे रह जाएंगे और वातावरण प्रदूषित नहीं होगा।
लगेगी सौ फुट ऊंची चिमनी
ग्रीन क्रिमेटोरियम से धुएं का उत्सर्जन घटकर करीब आधा रह जाएगा। सिस्टम में करीब 100 फुट ऊंची चिमनी लगेगी। अधिकारियों के अनुसार ग्रीन श्मशान पारंपरिक श्मशान के लिए एक सौम्य और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है। यह एक शांत प्रक्रिया है जो शरीर और हड्डी की राख को मूल तत्व में कम करने के लिए पानी और पोटेशियम हाईड्रॉक्साइड का उपयोग करती है।
सुभाषनगर में बनेगी नगर वाटिका
एन कैप फंड से ही शहर में वनखंडीनाथ मंदिर के पास दो करोड़ और सुभाषनगर में 1.8 करोड़ से नगर वाटिका बनाई जाएगी। बता दें कि इस फंड का प्रयोग पर्यावरण संबंधी कामों में ही करना है। धूल के गुबार कम करने के लिए सड़क निर्माण भी इसी फंड से कराया जा सकता है।
मिनी बाईपास से झुमका तिराहे तक बनेगी ग्रीन बेल्ट
एन-कैप फंड से प्रमुख सड़कों की साइड पटरियों को दुरुस्त कराया जाएगा। मिनी बाईपास से झुमका तिराहे तक सड़क को दोनों तरफ अतिक्रमण और गंदगी से मुक्त कराकर वहां पौधे लगाए जाएंगे। डेलापीर से बैरियर टू, इज्जतनगर स्टेशन से मिनी बाईपास और बदायूं रोड पर चीनी मिल के पास सड़क की साइड पटरियों को ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रमुख चौराहों पर लगेंगे वाटर स्प्रिंकलर
शहर के ज्यादा ट्रैफिक वाले चौराहों पर पानी छिड़काव के लिए भी स्प्रिंकलर लगाकर धूल को उड़ने से रोका जाएगा। सर्वाधिक वीआईपी आवाजाही वाले सर्किट हाउस चौराहे के आसपास धूल भी खूब उड़ती है। इसके अलावा चौकी चौराहा, चौपुला चौराहा आदि चौराहों पर भी स्प्रिंकलर लगाकर धूल उड़ने से रोका जाएगा।
एन-कैप फंड से हो रहे पर्यावरण सुरक्षा के कामों में संजयनगर श्मशान भूमि में ग्रीन क्रिमेटोरियम का प्रोजेक्ट प्रमुख है जिसे अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। प्रमुख सचिव नगर विकास ने इसकी प्रगति की समीक्षा कर बरेली नगर निगम की योजनाओं की सराहना की है---निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त।
यह भी पढ़ें- Bareilly: 29 जून को मनाया जाएगा ईद-उल-अजहा का त्योहार
