बरेली: 1.70 लाख के लिए 50 हजार खा लिए, फिर भी पूरा भुगतान नहीं...जानिए मामला
भोजीपुरा के महिला स्वयं सहायता समूह की पदाधिकारियों और सदस्यों की शासन और डीएम से शिकायत
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बरेली, अमृत विचार। मासूम बच्चों और महिलाओं के पोषण के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन पहुंचाने वाले स्वयं सहायता समूह को जैसे-तैसे तीन साल बाद शासन से मेहनताने का पैसा मिला तो बीडीओ और ब्लॉक मिशन प्रबंधक (बीएमएम) हिस्सा लेने पर अड़ गए। 1.70 लाख की कुल रकम में से 50 हजार बीडीओ और बीएमएम को देने पड़े, लेकिन फिर भी पूरा भुगतान नहीं हो पाया। अब महिलाओं ने डीएम और शासन से शिकायत की है। समूह की सचिव और बीएमएम के बीच लेनदेन की बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल हुआ है।
भोजीपुरा के गांव पीपलसाना में महिलाओं के बालाजी स्वयं सहायता समूह पर शुष्क राशन के उठान की जिम्मेदारी है। साल 2020 में समूह की ओर से राशन उठाकर आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचाया गया था, जिसकी एवज में सरकार की ओर से पिछले दिनों 1.7 लाख रुपये भेजे गए। समूह की अध्यक्ष अनुराधा, सचिव अनीता देवी, कोषाध्यक्ष भानवती, भारती, प्रीति आदि ने शिकायत की है कि यह धनराशि समूह के खाते में भेजने की मांग की तो बीएमएम पूनम राजपूत ने बीडीओ के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की।
महिला समूह की सदस्यों का आरोप है कि उन्होंने 30 हजार रुपये दे दिए और भुगतान की मांग की लेकिन बीएमएम बीडीओ के नाम पर 20 हजार और देने पर अड़ी रहीं। विरोध करने पर उन्हें काम से हटाने की धमकी भी दे दी। यही नहीं, लेनदेन की बातचीत के लिए ब्लॉक पर मीटिंग तक बुलाई गई। पैसे देने के बावजूद आज तक पूरा पैसा रिलीज नहीं किया गया है।
ऑडियो : 50 हजार बीडीओ साहब को दे दिए तो हमें बचेगा ही क्या
चार मिनट के वायरल ऑडियो में समूह की सचिव अनीता बीएमएम पूनम राजपूत से बात कर रही हैं। अनीता कहती हैं, दीदी बीडीओ साहब वाला मैटर संभाल लो, काफी दिन बाद पैसा आया है। 50 हजार रुपये दे दिए तो बचेगा ही क्या। बीएमएम कहती हैं, मुझे खुद समझ नहीं आ रहा क्या करना है। ब्लॉक पर मीटिंग बुलाई गई है, आकर बात कर लेना। अनीता कहती है, कुछ कम में बात बन जाए तो ठीक रहेगा। बीएमएम जवाब देती हैं, मैटर बहुत आगे बढ़ गया है। मैंने काफी संभालने की कोशिश की, अगर लक्ष्मी नहीं आती तो मामला और बिगड़ जाता।
20 हजार बीडीओ, 30 हजार बीएमएम को दिए
समूह की सचिव अनीता ने बताया कि दो साल के भी बाद समूह को ड्राई राशन वितरण का पैसा भेजा गया था। कई दिन बाद भी यह पैसा समूह के खाते में नहीं भेजा गया। आखिरकार अपना ही पैसा लेने के लिए 20 हजार रुपये बीडीओ और 30 हजार रुपये ब्लॉक मिशन प्रबंधक को देने पड़े।
मुझे फंसाने की साजिश
मुझे फंसाने की साजिश है। सभी आरोप पूरी तरह निराधार है। राशन उठान का पूरा पैसा अनीता लेना चाहती थी जबकि यह धनराशि समूह के सभी सदस्यों के बीच बंटनी थी। ऑडियो वायरल हुआ है मगर जांच में सच सामने आ जाएगा। ज्यादा कुछ कहना उचित नहीं है--- पूनम राजपूत, बीएमएम।
मुझे कुछ पता नहीं
किसी भी ग्राम पंचायत में भीम स्वयं सहायता समूह होने की जानकारी नहीं है। वायरल ऑडियो के बारे में कुछ नहीं कह सकता। इसका पता करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट कर पाऊंगा--- कमल श्रीवास्तव, बीडीओ भोजीपुरा।
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