बदायूं: सड़क जाम करने वालों पर कसा कानूनी शिकंजा, 278 लोगों पर एफआईआर

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Edited By Amrit Vichar
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बदायूं, अमृत विचार। शहर से सटे नगला शर्की निवासी किसान रूम सिंह के जहर खाकर आत्महत्या करने के बाद शुक्रवार को जवाहरपुरी चौकी के पास शव सड़क पर रखकर जाम लगाने वालों के खिलाफ पुलिस ने कानूनी शिकंजा कस दिया है। सिविल लाइंस कोतवाली में जवाहरपुरी चौकी प्रभारी की ओर से 278 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, जिनमें 28 लोगों को नामजद किया गया है। नामजद आरोपियों में मृतक के भाई, दोनों बेटे, भतीजा और अपना दल के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह शामिल हैं। सिविल लाइन पुलिस ने नामजद लोगों की तलाश शुरू कर दी है।  

नगला शर्की निवासी चीनी मिल के रिटायर कर्मचारी व किसान रूम सिंह उर्फ मास्साब का अपने भतीजे कुलदीप सिंह से जमीनी विवाद चल रहा था। इसको लेकर वह पिछले आठ साल से सदर तहसील के चक्कर लगा रहे थे। गुरुवार 22 जून को भी वह सदर तहसील गए थे। जहां तहसील परिसर में रूम सिंह ने जहर खा लिया था, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि रूम सिंह ने आत्महत्या नायब तहसीलदार आशीष सक्सेना व लेखपाल कुलदीप की वजह से की थी। 

नायब तहसीलदार व लेखपाल रूम सिंह पिछले आठ सालों से तहसील के चक्कर कटवा रहे थे, लेकिन न्याय फिर भी नहीं किया। मृतक के परिजनों और रिश्तेदारों ने आरोपी नायब तहसीलदार व लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने की मांग को लेकर शुक्रवार को सिविल लाइंस इलाके में जवाहरपुरी पुलिस चौकी के सामने शव रखकर करीब चार घंटे रोड जाम रखा था। सदर कोतवाली में नायब तहसीलदार आशीष सक्सेना, हल्का लेखपाल कुलदीप, एकता वार्ष्णेय और दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जाम खोला था। जाम के दौरान भीड़ के हंगामा करने से पुलिस-प्रशासन खासा परेशान रहा। 

माहौल शांत होने के बाद शुक्रवार देर रात जवाहरपुरी पुलिस चौकी प्रभारी कमलेश सिंह यादव की ओर से सिविल लाइंस कोतवाली में जाम लगाने वालों के खिलाफ बलवा की धारा 147, 148, 149, सरकारी निर्देश का उल्लंघन 188, गलत तरीक से रास्ता प्रतिबंधित करना 342, सरकारी कार्य में बाधा डालना 353 और 7 क्रिमिनल लॉ अमिडमेंट आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें 28 लोगों को नामजद किया गया है और 200 से 250 लोग अज्ञात हैं। 

एफआईआर के मुताबिक मृतक के परिजन और ग्रामीणों ने शव पुलिस चौकी के सामने सड़क पर रखकर लाठी-डंडे लेकर जाम लगाया था, जिसकी वजह से रास्ता अवरूद्ध हुआ। दो साइड में वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। अफरा-तफरी का माहौल बना था। उन्होंने कंट्रोल रूम को सूचना दी। जाम लगा रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया तो भीड़ ने पुलिस से भी धक्का-मुक्की की और हमलावर हो गए थे। जिसकी वजह से सरकारी कार्य बाधित हुआ। इन लोगों को धारा 144 लागू होने के बारे मे बताया गया, जिसके बाद भी वे लोग नहीं माने। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पांच थानों की फोर्स बुलानी पड़ी थी। इसके बाद भी वे लोग अपनी मांग मनवाने के लिए प्रदर्शन करते रहे। इससे पांच घंटे तक लोग परेशान रहे। 

एफआईआर में ये लोग किए गए नामजद 
जवाहरपुरी चौकी प्रभारी की तहरीर पर कुल 278 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनमें मृतक रूम सिंह के भाई रक्षपाल सिंह, भतीजा कुलदीप राठौर, बेटे संदीप राठौर व पुष्पेंद्र राठौर, अपना दल के जिलाध्यक्ष आमगांव निवासी देवेंद्र सिंह के अलावा ग्राम सराय पिपरिया निवासी मोरपाल प्रजापति, भरकुइया के मुकेश, लखनपुर के ओमेंद्र, आवास विकास के महेंद्रपाल, मोहल्ला जवाहरपुरी के राजेंद्र कुर्मी, नगला शर्की के प्रेमपाल, ओमकार सिंह, रजनीश, गोविंद सिंह, केंद्रभान, अनिल, मुनेंद्र, अमन, तेजपाल, राममूर्ति, नरेंद्र सिंह, गोपाल, सिद्धार्थ, मनोज, आकाश पुत्र केंद्र सिंह, आकाश पुत्र आदेश, जितेंद्र, कालू आदि शामिल हैं।

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