बरेली: 15 लाख में वीडीओ बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत 11 गिरफ्तार
एक अभ्यर्थी को पास कराने के लिए मुख्य सरगना ने किया था 15 लाख में सौदा
बरेली, अमृत विचार। अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड परीक्षा में सॉल्वर गिरोह ने सुरक्षा में सेंध लगा दी। एसटीएफ की टीम ने बरेली शहर के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से सॉल्वर गिरोह के मुख्य सरगना समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य सरगना ने प्रत्येक अभ्यर्थी को परीक्षा पास कराने के लिए 15 लाख रुपये में सौदा किया था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद निवासी मुख्य सरगना नाजिम, सरगना के मददगार मोहनिस, थाना बिंद नालन्दा बिहार निवासी साल्वर नीरज कुमार और संदीप कुमार, सिविल लाइन मुरादाबाद निवासी अभ्यर्थी जाबिर अली, काशीपुर उत्तराखंड निवासी ड्राइवर कुलदीप, मुरादाबाद निवासी अभ्यर्थी व मीडिएटर मुकेश कुमार, परवलपुर नालांदा बिहार निवासी साल्वर सचिन पांडेय, बिहार के ही समस्तीपुर के केशव कुमार, बैशाली जिले के जन्दहा के रतन कुमार, मुरादाबाद के कल्याणपुर निवासी दानिश अली के रूप में हुई है।
इसके साथ अपनी जगह पर परीक्षा में साल्वर बैठाने वाले अभ्यर्थी राहुल कुमार, कृष्ण कुमार, विपिन कुमार और दानिश की गिरफ्तारी के लिए भी टीम दबिश दे रही है। टीम ने आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल, एक कार समेत 34 हजार नकदी बरामद की है। सभी आरोपियों के खिलाफ हाफिजगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। हालांकि एसटीएफ बरेली ने 2018 में भी मुख्य सरगना नाजिम को इसी परीक्षा में फर्जीवाड़ा कराने में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
30 हजार रुपये में बिहार से लाए गए थे सॉल्वर
एसटीएफ की पूछताछ में मुख्य सरगना नाजिम ने बताया कि उसने सभी अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए 15 लाख रुपये में सौदा किया था। सभी को पास कराने के लिए 30 हजार रुपये में बिहार से साल्वर बुलाए थे। जो अभ्यर्थी के स्थान पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। अभ्यर्थी की जगह पर साल्वर को बैठाने के लिए एडमिट कार्ड और आधार कार्ड पर फोटो एडिट कर बदल दिए थे।
एक आरोपी के पास से डिवाइस भी बरामद
एसटीएफ के अनुसार एक साल्वर को मुख्य सरगना ने डिवाइस देकर परीक्षा में बैठाया था। इसके एवज में अभ्यर्थी से 17 लाख रुपये में सौदा तय किया था। हालांकि वह परीक्षा में अभ्यर्थी को पास करा पाता कि पहले ही उसे टीम ने दबोच लिया। कई लोगों को ब्लूटुथ डिवाइस में सिमकार्ड के साथ भेजा था, लेकिन सुरक्षा अधिक होने के चलते वह परीक्षा केंद्र तक उसे नहीं ले जा सके थे।
ऐसे धरे गए दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे मुन्ना भाई
जीआईसी में अभ्यर्थी की जगह पकड़े गए नालंदा, बिहार निवासी सचिन मुन्नाभाई की सूचना पर परीक्षा के नोडल अधिकारी और एडीएम सिटी डॉ. आरडी पांडेय ने आरोपी से पूछताछ की। इसके बाद पुलिस के हवाले कर दिया गया। एडीएम के अनुसार परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों पर लखनऊ से नजर रखी जा रही थी। परीक्षा देने आए सभी विद्यार्थियों का बॉयोमिट्रिक और आंखों की रेटीना कर लखनऊ भेजा गया था। परीक्षा में बैठने वालों की जानकारी लखनऊ में पहले से थी। जो लोग दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे थे, मिलान में वह पकड़ में आ गए और उसी इनपुट के बाद इस पूरी कार्रवाई की गई। अधिकारी के अनुसार परीक्षा छूटने में 10 से 15 मिनट ही रह गया था। अगर थोड़ी भी देर होती तो आरोपी हाथ से निकल जाते।
सेना में तैनात है मुकेश, इसी ने कराई थी मुख्य सरगना से सेटिंग
मुरादाबाद निवासी अभ्यर्थी और मीडिएटर मुकेश सेना में तैनात है। जिसकी मौजूदा समय में तेलंगाना में पोस्टिंग है। मुकेश ने ही खुद के लिए और भाई राजेन्द्र समेत अन्य अभ्यर्थियों से मुख्य सरगना नाजिम से सेटिंग कराई थी। मुकेश समेत अन्य आरोपियों को एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया है। मुकेश ने बताया कि उसनेअपने भाई को अधिकारी बनाने के लिए मुख्य सरगना से सेटिंग की थी। नाजिम उससे 20 लाख रुपये मांग रहा था। जिस पर उसने अन्य अभ्यर्थियों से मिलाकर 15 लाख रुपये में सौदा तय किया था।
इन परीक्षा केंद्रों से पकड़े गए चार साल्वर
कांति कपूर सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज में कृष्ण कुमार की जगह परीक्षा देते केशव कुमार, जय नारायण सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में रतन कुमार, अभ्यर्थी विपिन कुमार, जीआईसी में राहुल कुमार की जगह सचिन, बाबा रामदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय सैदपुर भमौरा में दानिश अली की जगह दूसरा दानिश अली परीक्षा दे रहा था।
लखनऊ मुख्यालय के निर्देश पर टीम ने जिले से मुख्य सरगना समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ थाना हाफिजगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। टीम आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। सरगना ने सभी अभ्यर्थियों से 15-15 लाख रुपये में सौदा तय किया था- अब्दुल कादिर, पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ बरेली।
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