बरेली: रबड़ फैक्ट्री की भूमि पर मालिकाना हक किसका, फैसला आज
बॉम्बे हाईकोर्ट में आज सुनाया जाएगा फैसला, राज्य सरकार की ओर से यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक मंगलवार शाम मुंबई पहुंच गए
बरेली, अमृत विचार। रबड़ फैक्ट्री की 18 अरब से अधिक कीमत की भूमि पर मालिकाना हक किसका होगा, बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में फैसला सुनाया जाएगा। रबड़ फैक्ट्री केस में राज्य सरकार और अलकेमिस्ट रि-कंस्ट्रक्शन एसेट कंपनी के अधिवक्ताओं की बहस 22 जून को हो चुकी है। बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाने की 28 जून की तारीख निर्धारित की थी। फैसला सुनाए जाने के दौरान कोर्ट रूम में राज्य सरकार की ओर से यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक संतोष कुमार, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सी सिंह और मुंबई के वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश दुबे पाटिल मौजूद रहेंगे।
क्षेत्रीय प्रबंधक संतोष कुमार मंगलवार सुबह ही मुंबई चले गए थे। शाम को वह वहां पहुंच गए। वहीं, फैसला राज्य सरकार या अलकेमिस्ट के पक्ष में आएगा, इसको लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों की बेचैनी बढ़ गई है। केस में लखनऊ से प्रमुख सचिव औद्योगिक, कमिश्नर सौम्या अग्रवाल भी नजर रखे हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट में पिटीशन संख्या 999/2020 अलकेमिस्ट एसेट्स रिकंस्ट्रक्शन लिमिटेड बनाम मैसर्स सिंथेटिक एंड केमिकल्स लिमिटेड व अन्य में राज्य सरकार की ओर से हस्तक्षेप आवेदन दाखिल है। उसी पर सुनवाई चल रही थी।
हस्तक्षेप आवेदन दाखिल करने के बाद राज्य सरकार ने पैरवी के लिए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सी सिंह को लगाया, तब से वही केस की पैरवी प्रत्येक तारीख में कर रहे हैं। बता दें कि फतेहगंज पश्चिमी में रबड़ फैक्ट्री के लिए 1960 के दशक में मुंबई के सेठ किलाचंद को 1382.23 एकड़ भूमि तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार ने 3.40 लाख रुपये लेकर लीज पर दी थी। जो लीज डीड बनी थी उसमें यह शर्त शामिल की थी कि जब फैक्ट्री बंद होगी, तब सरकार जमीन वापस ले लेगी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया था। फैक्ट्री 15 जुलाई 1999 से बंद है।
