बरेली: लोग असंतुष्ट...CM तक पहुंच रहीं शिकायतें, सुबह 9 से 11 बजे तक जनसमस्याएं सुनेंगे अधिकारी
कलेक्ट्रेट, तहसील, विकास भवन, नगर निगम, बीडीए, एसएसपी, आईजी के कार्यालय सुबह 9 बजे से खुलेंगे
फाइल फोटो
बरेली, अमृत विचार। जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस एवं सीएम हेल्पलाइन) की शिकायतों के निस्तारण में घोर लापरवाही सामने आई है। शिकायतों के सही निस्तारण न होने और असंतुष्ट फीडबैक के मामले बढ़ने के साथ मुख्यमंत्री दरबार में अधिक शिकायतें पहुंच रही हैं। इसको लेकर मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकारी दफ्तरों में सुबह 9 से 11 बजे तक सभी अधिकारी जनता दर्शन में बैठकर शिकायतें सुनेंगे।
इस व्यवस्था से अभी तक 10 बजे से खुलने वाले कलेक्ट्रेट, तहसील, विकास भवन, नगर निगम, बीडीए, एसएसपी, आईजी के साथ कुलपति/रजिस्ट्रार के कार्यालय भी सुबह 9 बजे से पहले खुलेंगे। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने 10 बिंदुओं पर आदेश जारी किया है।
उन्होंने लिखा कि जनसुनवाई में प्राप्त हो रहे आवेदनों के संदर्भ को मिशन मोड पर निस्तारित कराएं। बिना कारण संदर्भों को लंबित रखने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें। निस्तारण की गुणवत्ता का परीक्षण करें और जिन अधिकारियों के निस्तारित संदर्भों पर अत्यधिक फीडबैक प्राप्त हो रहे हैं, उनका समुचित परीक्षण कर उन अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजें।
बार-बार गलत निस्तारित करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई करें। मुख्य सचिव का 27 जून का आदेश बुधवार को बरेली पहुंचा। यहां प्रशासनिक अधिकारियों ने सुबह 9 बजे से दफ्तरों में बैठकर जन समस्याएं सुनने की तैयारी कर ली है, लेकिन कलेक्ट्रेट, तहसीलों समेत अन्य विभागों के कर्मचारी असमंजस में हैं कि वे कितने बजे दफ्तर आएं। अभी तक कर्मचारी 10 बजे तक दफ्तरों में पहुंचते हैं। नई व्यवस्था में उन्हें 9 बजे से पहले आना पड़ेगा।
इन बिंदुओं पर अधिकारियों को करना है जनसुनवाई संदर्भों का निस्तारण
समस्त अधिकारी नियमित रूप से सुबह 9 बजे से 11 बजे तक जनता दर्शन में अपने कार्यालय में बैठेंगे। आवेदक से दूरभाष पर वार्ता करने के बाद अंतिम निस्तारण आख्या अपलोड की जानी है। जिन प्रकरणों में स्थलीय निरीक्षण किया जाए,
उनमें दो निष्पक्ष गवाहों के बयान, नाम पता व मोबाइल नंबर के साथ निस्तारण आख्या अपलोड करें। जिन आवेदनों में आवेदकों ने असंतोषजनक फीडबैक दिया है, उन प्रकरणों में आवेदक से वार्ता करें। स्थलीय निरीक्षण कर उनके बयान सहित अंतिम आख्या अपलोड करें। किसी भी स्तर से पुरानी आख्या को पुन: अपलोड कर संदर्भ को निस्तारित करने का प्रयास न हो।
भूमि विवाद या पैमाइश के मामले तहसील या थाना दिवस में दर्ज करें
जिलाधिकारी और एसएसपी को निर्देश दिए हैं कि भूमि विवाद के प्रकरणों या भूमि की पैमाइश के प्रकरणों को तहसील या थाना समाधान दिवस में दर्ज करें। राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जांच आख्या ऑनलाइन अपलोड की जाएगी।
प्रत्येक मंगलवार को होगी असंतुष्ट फीडबैक की समीक्षा
अब आवेदकों द्वारा दिए गए असंतुष्ट फीडबैक के आधार पर प्रत्येक सप्ताह में मंगलवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपदों की समीक्षा होगी।
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