रायबरेली: लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, गंगा का बढ़ा जलस्तर
रायबरेली/अमृत विचार। पिछले तीन दिन से हो रही बारिश से जन जीवन बुरी तरह से प्रभावित है। रविवार को सुबह दो घंटे की बारिश हुई उसके बाद बादल छाए रहे जिससे चलते खासी उमस रही। बारिश के कारण सुबह सड़कों पर जलभराव हो रहा। पूरे दिन लोग जलभराव से परेशान रहे। जिन मोहल्लों में पानी भरा हुआ है वहां लगातार बारिश ने दिक्कत और अधिक खड़ी कर दी है। मोहल्लों का पानी निकल नहीं पाया है और बारिश से हालात और भी खराब हो रहे हैं। बारिश के कारण सरेनी में गंगा का जलस्तर 24 घंटे में ढाई फुट बढ़ गया है वहीं मां संकठा देवी मंदिर को जाने वाला मार्ग कट गया है।
रायबरेली में मानसून की अक्षीय रेखा सक्रीय है और दो दिन बादलों का जमावड़ा हटने की कोई संभावना नहीं है। तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। अब तक जिले में 100 एमएम पानी बरस चुका है और शुरूआती रिकार्ड के मुताबिक यह अधिक है। बारिश से सबसे अधिक दिक्कत निचले मोहल्ले में रहने वाले लोगों के लिए है। गलियों में जलभराव हो गया है तथा लोग जरूरत की सामान लेने के लिए गली से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।

आजाद नगर में सबसे बुरे हालात हैं यहां पर घुटनों तक पानी भरा हुआ है तथा आंबेडकरनगर, सोनिया नगर, कहारों का अड्डा, बालाजी नगर, आईटीआई कॉलोनी में पानी भरा हुआ है। बारिश के कारण लोगों का आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग के विशेषज्ञ अजय मिश्रा का कहना है कि जिले में अभी दो दिन तक इसी तरह का मौसम बना रहेगा।
मां संकठा देवी मंदिर को जोड़ने वाला मार्ग पानी में बहा
सरेनी। लगातार हो रही बारिश से गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है।पिछले 24 घण्टों में लगभग ढाई फुट की ऊंचाई तक पानी बढ़ चुका है।अभी भी जलस्तर में वृद्धि लगातार जारी है।लगातार बारिश ने जहां स्नानार्थियों की सुविधा के लिए गंगा तट पर से डाले जाने वाले तखत डूब गये हैं वहीं मां संकठा देवी के मंदिर तक जाने वाली सड़क भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। गौरतलब है कि क्षेत्र में लगातार तीन दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। कभी तेज तो कभी धीमी।शनिवार की रात में हुई बारिश से गंगा नदी का जलस्तर लगभग ढाई फुट ऊपर जा चुका है।
मन्दिर के पुजारी संतोष तिवारी ने बताया है कि रात में बारिश इतनी जोरदार थी कि मां संकठा देवी के दर्शन को जाने वाला मार्ग भी कटकर बह गया। गुरुपूर्णिमा के अवसर पर स्नानार्थियों व श्रद्धालुओं की भीड़ के एहसास से इसकी मरम्मत का काम भी शुरू हो गया।गंगा घाट पर स्नानार्थियों की सुविधा हेतु कड़ी मेहनत करने वाले पुजारी पंडित राजेश त्रिवेदी ने बताया है कि गंगा के किनारे रखे जाने वाले तखत जलस्तर के बढ़ने से डूब गये हैं। इन्हें निकाल कर किनारे लाने का काम जारी है।
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