लखनऊ : UCC पर  AIMPLB के विरोध पर मोहसिन रजा का बयान, कहा- ये मौलवी पर्सनल लॉ बोर्ड की दुकान चला रहे

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी लखनऊ में बुधवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने ऑनलाइन बैठक की। इस दौरान मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सिविल कोड की जरूरत और प्रासंगिकता को लेकर विचार विमर्श करते हुए कहा कि यूनिफार्म सिविल कोड न तो आवश्यक है और न ही लोगों की चाहत ही है। बता दें कि पर्सनल लॉ बोर्ड ने लॉ कमीशन की मांगी गई राय में मौजूदा नागरिक कानूनों का हवाला देते हुए यूनिफॉर्म सिविल कोड को सभी धर्म के लोगों को नुकसान पहुंचाने वाला और गैरजरूरी बताया है। वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बयान के बाद उत्तर प्रदेश हज कमेटी के अध्यक्ष मोहसिन रजा ने जमकर हमला बोला है। 

मोहसिन रजा ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मौलवी पर्सनल ला बोर्ड है। इसलिए यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध कर रहा है। यूनिफॉर्म सिविल कोड के आने के बाद मौलवी पर्सनल लॉ बोर्ड की दुकानें बंद हो जाएंगी। इसीलिए ये लोग अपनी दुकान बचाने के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड के आने से सभी के साथ मुस्लिम समाज को एक समान अधिकार मिलने लगेगा। मुस्लिम समाज को मिलने वाले अधिकारों से ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से डर रहा है। क्योंकि समान अधिकार मिलने से मौलवी पर्सनल लॉ बोर्ड की दुकानें बंद हो जाएंगी।

वहीं उन्होंने ट्रिपल तलाक के मामले पर बोलते हुए कहा कि ट्रिपल तलाक समाप्त होने की वजह से आज मुस्लिम समाज की बहन बेटियों को आजादी मिली है। उनके पांव में पड़ी बेड़ियां समाप्त हो गई है। मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड नहीं चाहता है कि इस तरह के और कानून बने। जिससे मुस्लिम समाज के अधिकार और सुरक्षित हो। वहीं उन्होंने मुस्लिम समाज को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिस तरह ट्रिपल तलाक कानून आया है। उसी प्रकार यूनिफॉर्म सिविल कोड कानून देशहित और जनहित में आएगा।

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