अयोध्या : अक्टूबर माह से राम मंदिर के दर्शन मार्ग में होगा बदलाव
आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर किया जाएगा परिवर्तन
अयोध्या, अमृत विचार। राम मंदिर में रामलला को विराजमान कराए जाने के साथ ही दूर-दराज से आने वाले भक्तों को सुगम दर्शन कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जनवरी 2024 में मकर संक्रांति के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा मंदिर का भव्य उद्घाटन और भगवान की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके लिए मंदिर सहित राम जन्मभूमि परिसर की व्यवस्थाओं को अंतिम स्वरूप देने का कार्य भी शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि अक्टूबर माह के बाद राम जन्मभूमि परिसर में आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत दर्शन मार्ग में बदलाव किया जाएगा।
राम मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को जन्मभूमि पथ से सीधे परिसर के अंदर प्रवेश मिलेगा। आगामी जनवरी 2024 में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालु सीधे राम मंदिर में जा सकेंगे। इसके लिए जन्मभूमि पथ को सीधे राम मंदिर तक जोड़ा जाएगा, लेकिन इसके साथ परिसर की सुरक्षा को भी अहम माना जा रहा है। इसके लिए इस पथ पर एक्स रे मशीन सहित अलग-अलग स्थानों पर कई चेकिंग पॉइंट भी होंगे। बीते दिनों सीआईएसएफ डीजी द्वारा सुरक्षा के मानकों को नए सिरे से तैनात किए जाने की योजना को स्वीकृति दे दी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक इन योजनाओं के तहत राम जन्म भूमि मंदिर की सुरक्षा की जानी है। आधुनिक उपकरण सहित मैन पावर राम जन्मभूमि परिसर के चारों तरफ तैनात किए जाने के साथ परिसर में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं वॉच टावर और ड्रोन कैमरे के माध्यम से परिसर की दूर-दूर तक निगहबानी होगी। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक यात्रियों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जा रहा है, लेकिन परिसर की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। इसके लिए सुरक्षा अधिकारी पूरा इंतजाम कर रहे हैं। कुछ दिनों बाद राम मंदिर के दर्शन मार्ग में बदलाव किए जाएंगे। उसके पहले सुरक्षा व्यवस्थाओं को भी तैयार कर लिया जाएगा।
रामलला के दर्शन के लिए मिलेंगे 17 सेकंड
राममंदिर में श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन कराने के लिए बनाई जा रही योजना और राइट के सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जानकारी दी गई है कि एक श्रद्धालु 17 सेकेंड में रामलला का दर्शन कर सकेगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि तीन लाख से अधिक श्रद्धालु एक दिन में राम जन्मभूमि परिसर में प्रवेश करेंगे। इसका खुलासा मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन व पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र ने भी एक चैनल के साक्षात्कार में किया है। राष्ट्रीय निर्माण कंपनी राइट्स ने रामनवमी मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के एक्टिविटी पर रिपोर्ट को तैयार था।
देश भर के मुख्यमंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री को आमंत्रण भेजेगा ट्रस्ट
जनवरी 2024 में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कराए जाने की तैयारी है। इस दौरान देशभर के प्रमुख साधु संत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संचालक मोहन भागवत सहित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री व पूर्व मुख्यमंत्रियों को शामिल किए जाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के द्वारा आमंत्रण पत्र भेजा जायेगा। इसी के तहत समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को भी आमंत्रण दिया जाएगा।
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