बरेली: एसओजी और पुलिस ने नकटी नोट छापने वाला गिरोह पकड़ा, नोटों के साथ प्रिंटर और मोबाइल बरामद
बरेली/सीबीगंज, अमृत विचार: सीबीगंज में एसओजी और थाना पुलिस ने नकली नोट बनाकर खपाने वाले एक गिरोह को पकड़ा है। पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ लिया लेकिन उनका एक साथी मौके से भाग गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से हजारों के नकली नोट, प्रिंटर, मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
शुक्रवार को पूरे दिन सीबीगंज थाने में खुफिया एजेंसियों की टीमें आरोपियों से पूछताछ में जुटी रहीं। सीबीगंज पुलिस ने चार आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है। एसओजी की टीम को सूचना मिली थी गोविंदापुर गांव का रहने वाला अब्दुल नकली नोटों का काम करता है। साथ ही वह दिखावे के लिए एक विधायक के यहां कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी भी करता है।
इसके साथ में घुंसा गांव के रहने वाले रईस, रहमत अली उर्फ हप्पू और सनईया रानी के मोईजिम भी शामिल हैं। पुलिस ने जाल बिछाकर चारों आरोपियों को नकली नोट की खरीदारी के लिए बुलाया और तीन को पकड़ लिया। जबकि मोईजिम भागने में सफल रहा।
पूछताछ में अब्दुल ने बताया कि वह लंबे समय से नकली नोट बनाकर उन्हें खपाने का काम कर रहा है। पुलिस ने अब्दुल का घर खंगाला तो वहां से उन्हें प्रिंटर समेत कई मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। वहीं पकड़े गए आरोपियों के पास से करीब 70,800 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। जिसमें 500 और 100 के नोट शामिल हैं।
इंटर पास अब्दुल का गांव में आलीशान मकान, पिता लगाते हैं फल का ठेला: नकली नोट बनाने में मास्टर अब्दुल महज इंटर पास है। उसने घर पर ही नकली नोट छापने के लिए सारा इंतजाम कर रखा है। घर पर प्रिंटर से वह नकली नोट बनाता था। गांव में ही उसने दो मंजिला आलीशान घर बनवा रखा है जबकि उसके पिता फल का ठेला लगाते हैं।
वहीं ग्रामीण बताते हैं कि अब्दुल के दो भाई विदेश में है जिसमें बड़ा कतर और दूसरा सऊदी में है। गांव के अन्य युवक भी सऊदी समेत अन्य देशों में काम कर रहे हैं लेकिन जितनी जल्दी अब्दुल ने तरक्की करी उसे देख गांव वाले भी हैरत में है।
फिल्म देखकर बनाने लगा नकली नोट: फर्जी फिल्म से प्रेरित होकर सीबीगंज का अब्दुल भी नकली नोट बनाने लगा। पूछताछ में उसने बताया कि सबसे पहले उसने घर में नोट को स्कैन कर उसकी फोटो कॉपी निकाली। जिसके बाद वह बाजार से हरे रंग की पन्नी खरीद कर लाया और उसे बड़ी सावधानी से बीच में से काटा।
कई बार तो नोट गड़बड़ बने लेकिन कई प्रयास के बाद उसे सफलता हाथ लगी और वह नकली नोट बनाने लगा। पहले उसने नकली नोट एक मेले में खपाए वहां नोट आसानी से चल गया, जिसके बाद उसने जगह-जगह फर्जी नोट चलाना शुरू किए। वह हजारों रुपये के फर्जी नोट अब तक चला चुका है लेकिन कभी पकड़ा नहीं गया।
नकली नोट पकड़े जाने के बाद खुफिया एजेंसी हुईं सक्रिय, दिनभर चली आरोपियों से पूछताछ: सीबीगंज से नकली नोट पकड़े जाने के बाद एटीएस, एसटीएफ, आईबी, एलआईयू समेत अन्य एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। वह पकड़े गए आरोपियों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है। नकली नोट बनाकर अब्दुल और उसके साथी कहां-कहां खपाते थे, उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं इसकी जांच जा रही है।
वहीं सीओ सेकंड आरके मिश्रा शुक्रवार को पूरे दिन सीबीगंज थाने में मौजूद रहे। उन्होंने सभी आरोपियों से पूछताछ की है। रईस 2018 में स्मैक के साथ पकड़ा गया था और किला पुलिस ने उसे जेल भेजा था। वहीं अन्य आरोपियों का अभी तक कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है।
सीबीगंज थाने का चार नंबर हल्का बन रहा अपराधों का गढ़: सीबीगंज थाने का चार नंबर हल्का अपराधों का गढ़ बनता जा रहा है। हल्के में चार दरोगा और 12 सिपाही होने के बाद भी अपराध पर लगाम नहीं लग रही। एसओजी ने इसी हल्के से दो मामले पकड़े हैं।
पिछले दिनों गाड़ियां चुराकर उन्हें काटने वाला गिरोह भी इसी हल्के में अपना गोदाम बनाए हुए था जिसकी भनक न तो दरोगा और न ही किसी सिपाहियों को लगी। इसके साथ ही घुंसा और गोविंदापुर गांव भी इसी हल्के में आता है। नकली नोट बनाने की भनक भी पुलिसकर्मियों को नहीं लगी। इससे साफ है कि पुलिस के लचर रवैया के कारण अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है।
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