मुरादाबाद : एसडीएम विवाद पर सपा सांसद एसटी हसन बोले- हर महिला ज्योति के जैसी नहीं होती, इसलिए...

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। एसडीएम ज्योति मौर्य केस इन दिनों खूब सुर्खियों में है और सोशल मीडिया पर हर कोई अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है। कोई ज्याति के पक्ष में बात कर रहा है तो कोई आलोक के पक्ष में बात कर रहा है। इसे लेकर सपा सांसद एसटी हसन का बयान सामने आया है। सपा सांसद एसटी हसन ने कहा कि सारी महिलाएं एक जैसी नहीं होती।

सपा सांसद एसटी हसन ने कहा कि कहा कि महिलाएं अपने पति के प्रति वफादार होती हैं और इस देश का मान भी बढ़ाती हैं। ज्योति जैसा केस महज एक इत्तेफाक है। ऐसा मैं समझता हूं। हर महिला एसडीएम ज्योति के जैसी नहीं होती। इसलिए पतियों को डरने की जरूरत नहीं है। उन्हें अपनी पत्नियों को पढ़ाना चाहिए।

'ड्रामेबाज़ हैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान'
मध्यप्रदेश के सीधी जिले में भाजपा विधायक के प्रतिनिधि प्रवेश शुक्ला द्वारा अनुसूचित जाति के व्यक्ति के मुंह पर पेशाब करने का वीडियो वायरल हुआ था। पीड़ित दशमत रावत भोपाल स्थित सीएम शिवराज सिंह चौहान के घर पहुंचे। इसके बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने खुद उन्हें सम्मानित किया है। सीएम ने दशमत रावत के पैर धोए हैं। साथ ही उनसे बात की है। वहीं सपा सासंद डॉक्टर एसटी हसन ने सीएम शिवराज सिंह चौहान का आरोपी का घर तोड़ने और पीड़ित के पैर धोने को ड्रामा बताया है। सपा सासंद डॉक्टर एसटी हसन ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ड्रामेबाज़ हैं। साप तो काटकर निकल गया अब लकीर पीटने से क्या फायदा है? जो होना था वो तो हो गया है। सपा सांसद ने कहा कि ये मानसिकता भाजपा ने ही फैलाई है। अब पैर धोने और खाना खिलाने से कोई फायदा नहीं है। ये सब नौटंकी है। अब आरोपी के घर पर बुल्डोजर चलाने की कोई ज़रूरत नहीं थी, जब आरोपी गिरफ्तार हो गया उसको जेल भेज दिया गया।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ज्योति और उनके पति आलोक ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पति आलोक पेशे से एक सफाईकर्मी हैं। उनका कहना है कि उन्होंने मेहनत करके अपनी पत्नी को पढ़ाया-लिखाया और एसडीएम बनने के बाद उन्होंने धोखा दे दिया। ज्योति का किसी और मर्द के साथ अफेयर चल रहा है। दूसरी तरफ ज्योति ने पति पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उत्तर प्रदेश शासन ने एसडीएम ज्योति मौर्य को पूरे मामले पर जवाब तलब किया था। जिस पर ज्योति मौर्य ने दो पेज में अपना लिखित जवाब शासन को भेजा है। यह विवाद अब कोर्ट तक भी पहुंच चुका है। ज्योति ने कहा है कि वो अपना पक्ष अब कोर्ट में ही रखेंगी।

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