लखनऊ : इप्सेफ ने सरकार से पूछा सवाल, कहा देश तरक्की कर रहा है तो नौकरी पेशा भुखमरी की और क्यों रहा है बढ़
लखनऊ, अमृत विचार। इंडियन पब्लिक सर्विस सेंटर फेडरेशन (इप्सेफ) ने शनिवार को एक विज्ञप्ती जारी की है। जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार दावा कर रही है कि देश तरक्की कर रहा है, लेकिन इस तरक्की में नौकरीपेशा अल्प और मध्यम श्रेणी के कर्मचारी भूखमरी की कगार पर हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि देश तरक्की कर रहा है तो क्या इसके माने नौकरीपेशा अल्प एवं मध्यम श्रेणी कर्मचारी को भुखमरी के ओर ले जाना है। इप्सेफ ने इसके साथ सवाल भी पूछा है कि केंद्र सरकार बताये कि निरंतर बढ़ती भीषण महंगाई का जिम्मेदार सरकार, जनता या व्यापारी में कौन हैं। साथ ही सरकार यह भी बताए कि अल्प वेतनभोगी एवं आउटसोर्सिंग आदि नौकरीपेशा कर्मचारी अपने परिवार की रोटी एवं अन्य खर्चे कैसे चलाए।
इंडियन पब्लिक सर्विस सेंटर फेडरेशन (इप्सेफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी पी मिश्र एवं महामंत्री प्रेमचंद्र ने कहा है कि देश भर में रोजाना बढ़ रही महंगाई से नौकरी पेशा कर्मचारी परिवार को 2 जून की रोटी खाना एवं अन्य खाद्य सामग्री खरीदन पाने में असमर्थ हो गया है। वह अपने बच्चों की शिक्षा दीक्षा वहन करने में भी असमर्थ हो गया है। वीपी मिश्र ने कहा है कि भारत सरकार कहती है कि देश तरक्की कर रहा है क्या तरक्की के माने नौकरीपेशा अल्प एवं मध्यम श्रेणी कर्मचारी को भुखमरी के ओर ले जाना है। उन्होंने कहा है कि बढ़ती महंगाई के कारण नौकरीपेशा वाले लोग आंदोलन करने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसा कई देशों में हुआ है।
इप्सेफ ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि बढ़ती जा रही महंगाई को रोके अन्यथा देशभर के मेहनतकश लोग सड़कों पर उतर कर सरकार के विरुद्ध आवाज बुलंद करने को बाध्य हो जाएंगे। जिसका उत्तरदायित्व सरकार में बैठे लोग ही होंगे। सचिव अतुल मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में महंगाई की हालत बहुत ही खराब है। सब्जियां 80-100 रु किलो तथा दाले 200 रुपया किलो एवं आटा 35 रुपये तथा अन्य खाद्य सामग्री के दाम दूने हो गए हैं। प्रदेश सरकार की इच्छा हो तो शख्ती से कीमत गिर सकती हैं।
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