बरेली: सूरज के लिए कांवड़ बनाना काम नहीं भोले की भक्ति का जरिया
बरेली, अमृत विचार। सूरज के लिए कांवड़ का निर्माण सिर्फ काम नहीं बल्कि भोलेनाथ की भक्ति का जरिया भी है। वह दस वर्षों से कांवड़ तैयार कर रहे हैं। इसी के सहारे उनका परिवार चलता है। सावन शुरू होने से पहले उनके पास कांवड़ तैयार करने के आर्डर आने शुरू हो जाते हैं। वह 1 से लेकर 20 हजार रुपये तक की कांवड़ तैयार करते हैं।
मठकी चौकी निवासी सूरज राजपूत बताते हैं कि शहर के साथ दूर-दराज के भी शिवभक्त उनके यहां से कांवड़ लेकर जाते हैं। सावन में कांवड़ की मांग अधिक होती है। वह इस कार्य भक्ति भाव के साथ करते हैं। बताते हैं कि सामान्य कांवड़, खड़ी कांवड़, डाक कांवड़, दांडी कांवड, बैकुंठी कांवड़, शिवलिंग कांवड़, पालकी कावंड आदि तैयार करते हैं। सावन शुरू होने से करीब एक माह पहले से इसकी तैयारी शुरू कर देते हैं। कांवड़ निर्माण में उपयोग होने वाले सामग्री आसपास के क्षेत्रों से मंगाते हैं। इसके निर्माण में वह शुद्धता का पूरा ध्यान रखते हैं। एक कांवड़ तैयार करने में उन्हें दो दिन का समय लगता है।
महंगी हुई कांवड़
कांवड़ को तैयार करने में बांस, डंडी, लाल कपड़ा, टोकरी आदि को उपयोग होता है, लेकिन इनके दामों में तेजी आने के कारण कांवड़ भी महंगी हो गई है। सूरज ने बताया कि इस बार अब तक करीब 150 से अधिक कांवड़ तैयार कर चुके हैं। करीब 200 से अधिक लोगों के ऑर्डर दिनरात लगकर पूरा करने में जुटे हैं। वह खुद भी कांवड़ यात्रा कर चुके हैं। 2014 से कांवड़ तैयार कर रहे हैं।
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