दुश्मन कहीं भी छिपा हो अब खोजकर मारेगा ड्रोन, IIT Kanpur ने विकसित किया घर में घुसकर मारने वाला Suicide Drone

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Edited By Amrit Vichar
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आईआईटी कानपुर का सुसाइड ड्रोन दुश्मन को घर में घुसकर मारेगा।

आईआईटी कानपुर का सुसाइड ड्रोन दुश्मन को घर में घुसकर मारेगा। 40 मिनट में 100 किमी की दूरी तक छह किलो हथियार ले जाने में सक्षम है।

कानपुर, अमृत विचार। आईआईटी कानपुर ने ऐसा सुसाइड (आत्मघाती) ड्रोन तैयार किया है, जो दुश्मन को उसके घर में घुसकर तबाह कर देगा। स्वदेशी तकनीक पर बनाया गया यह हाईटेक कामिकेज यानी सुसाइड ड्रोन हर तरह की क्षमता वाले राडार को चकमा देकर दुश्मन के इलाके में 100 किलोमीटर तक घुसकर उसे सबक सिखाने और लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। 

सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में  युद्ध आधुनिक ड्रोन के जरिए ही लड़े जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही आधुनिक ड्रोन तकनीक विकसित करने और उत्पादन पर जोर दे रहे हैं। हाल ही में भारत ने अमेरिका से उन्नत ड्रोन खरीदने का सौदा भी किया है। इधर, भारतीय सेना भी ड्रोन को अपनी ताकत बनाना चाहती है।

इसी के चलते आईआईटी और डीआरडीओ उन्नत ड्रोन विकसित करने के काम पर लगे हैं। इसी दिशा में  आईआईटी कानपुर के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिक डॉ. सुब्रमणयम सडरेला और उनकी टीम द्वारा ऐसा  सुसाइड ड्रोन विकसित किया गया है, जो 40 मिनट में 100 किमी दूरी तक छह किलोग्राम वजन वाले घातक हथियार ले जाने में सक्षम है। यह ड्रोन अल्गोरिदम के मुताबिक उड़ान भरता है।

इस कारण परिस्थितियों को देखकर खुद फैसला ले सकता है। इसके साथ ही इसे बेस स्टेशन से रिमोट द्वारा भी नियंत्रित किया जा सकता है। दोनों स्थितियों में यह ड्रोन अपने निर्धारित लक्ष्य से अधिकतम केवल दो मीटर तक ही भटक सकता है। यह दिन और रात दोनों समय में उड़ान भरने में सक्षम है।  सुसाइड ड्रोन में प्रयुक्त की गई स्टेल्ड टेक्नोलॉजी के चलते  यह दुश्मनों के रडार को चकमा देने में पूरी तरह सक्षम है।

डॉ. सुब्रमणयम के अनुसार सुसाइड  ड्रोन दुश्मन के ठिकाने पर जाकर फट जाएगा। उड़ान के दौरान अगर इसका जीपीएस ब्लॉक भी हो गया तो ऐसी स्थिति में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की मदद से यह दुश्मन की लोकेशन को तलाश कर वहां विस्फोट कर देगा।

एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिक डॉ. सुब्रमणयम ने बताया कि डीआरडीओ के डीवाईएसएल प्रोजेक्ट के तहत एक साल से इस ड्रोन पर काम चल रहा है। यह दो मीटर लंबा फोल्डेबल फिक्स्ड विंग वाला ड्रोन है, जो 100 मीटर से लेकर साढ़े चार किमी तक की ऊंचाई पर उड़ सकता है। पूर्ण रूप से स्वदेशी तकनीक से विकसित यह ड्रोन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एआई तकनीक पर काम करता है।

इसकी विंग में कैमरे और इंफ्रारेड सेंसर लगे हैं। इस ड्रोन में सेना की जरूरतों के मुताबिक भविष्य में बदलाव किया जाना संभव है। आईआईटी के वैज्ञानिक ड्रोन की उन्नत तकनीक पर लगातार शोध और अनुसंधान कर रहे हैं, ताकि आपदा राहत के साथ सेना की जरूरत के मुताबिक आधुनिक ड्रोन विकसित किए जा सकें।

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