बरेली: टीनिया वर्सिकलर का खतरा बढ़ा, ओपीडी में पहुंच रहे 50 फीसदी मरीज
बारिश में फैल रहा त्वचा संबंधी संक्रमण, जिला अस्पताल और 300 बेड अस्पताल में बढ़ रहे मरीज
बरेली, अमृत विचार। बारिश में टीनिया वर्सिकलर यानी त्वचा संबंधी संक्रमण फैल रहा है। जिला अस्पताल और 300 बेड अस्पताल में त्वचा संबंधी ओपीडी में इसके 50 फीसदी मरीज आ रहे हैं। रोग विशेषज्ञों के अनुसार यह फंगल इंफेक्शन है, जो शरीर के उन हिस्सों में फैलता है, जहां पसीना अधिक रहता है। बारिश के मौसम में त्वचा संबंधी रोग अधिक फैलते हैं। टीनिया वर्सिकलर संक्रमण इनमें से एक है। दस दिनों से मौसम में बदलाव हुआ है। बारिश हो रही है। आंकड़ों के अनुसार त्वचा संबंधी ओपीडी में 15 दिन में 120 लोग टीनिया वर्सिकलर से ग्रसित मिले हैं।
क्या है टीनिया वर्सिकलर
जिला अस्पताल के वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. त्रिभुवन सिंह के अनुसार टीनिया वर्सिकलर एक आम फंगल इंफेक्शन की तरह होता है। इसमें व्यक्ति के शरीर पर लाल या सफेद रंग के धब्बे होने लगते हैं। कुछ समय बाद इनमें खुजली होने लगती है। कुछ लोगों के हाथों पर सफेद रंग की पपड़ी जम जाती है।
इसके चलते त्वचा का रंग खराब होने लगता है। दाग गुलाबी, लाल और हल्के भूरे रंग के होते हैं। बाजू, छाती और पीठ पर दाग अधिक नजर आते हैं। त्वचा से पपड़ी छूटने लगती है। इसके अधिकतर मामले बारिश के मौसम में देखने को मिलते हैं। इसे ठीक होने में 15 दिन से 1 महीना का समय लग सकता है।
बीमारी के कारण
गीले कपड़े पहनना, गीला तौलिया का प्रयोग करना, बार-बार स्नान करना, किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना, ऐसे स्थान पर बैठना, जहां की सतह गीली हो, वातावरण का अत्यधिक गर्म या नम होना, अधिक पसीना आना, अंडरगारमेंट साफ नहीं पहनना, डायबिटीज और इम्यून सिस्टम ठीक नहीं होना आदि।
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