बिजली विभाग: तारों का इंसुलेशन फेल हो सकता है...भ्रष्टाचार-लापरवाही का नहीं, जानिए मामला

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Edited By Amrit Vichar
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रोहली टोला में महिला की मौत के बाद विजिलेंस टीम नप गई पर जूनियर इंजीनियर सुरक्षित

बरेली, अमृत विचार। बिजली के तारों का इंसुलेशन फेल होने से जहां-तहां जानलेवा घटनाएं होना उतनी ही आम बात है जितनी बिजली विभाग में होने वाली भ्रष्टाचार और लापरवाही की घटनाओं को दफन कर दिया जाना।

रोहली टोला में सुबह चार बजे गैरकानूनी तौर पर दबिश के दौरान एक महिला की दहशत से मौत के बाद इंस्पेक्टर समेत विजिलेंस की पूरी टीम को तो हाथ के हाथ हटा दिया गया लेकिन इस टीम की अगुवाई कर रहे बिजली विभाग के जेई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीओ विजिलेंस की रिपोर्ट के बावजूद बिजली विभाग के अफसरों ने ने भी इस मामले से पल्ला झाड़ लिया है। इस पर सवाल उठ रहे हैं।

रोहली टोला में सोमवार सुबह चार बजे विजिलेंस टीम सरवर जहां के घर दबिश देने पहुंची थी। घर में मीटर लगा था, फिर भी गालीगलौज के साथ दरवाजा पीटते हुए इस तरह शोर मचाया गया हो, जैसे कोई बड़ा मुजरिम पकड़ा जाना हो।

गहरी नींद में सो रही सरवर जहां हड़बड़ाकर दरवाजा खोलने पहुंची तो पुलिस वालों की भीड़ और उनके तेवर देखकर दहशत में गश खाकर गिर गईं। हार्ट फेल होने से उनकी मौत हो गई थी। बुधवार को एसपी विजिलेंस डॉ. एसपी द्विवेदी ने खुद बरेली आकर जांच की और इंस्पेक्टर शुजात हुसैन समेत उनकी पूरी टीम का इधर-उधर तबादला कर दिया।

कहा जा रहा है कि छापे के दौरान इंस्पेक्टर शुजात हुसैन अवकाश पर थे। टीम को जेई प्रदीप भारती लीड कर रहे थे। सरवर जहां की मौत के बाद इंस्पेक्टर और चार हेड कांस्टेबलों पर तो कार्रवाई हो गई लेकिन बिजली विभाग के अफसरों ने घटना को अनदेखा कर दिया, अब तक आरोपी जेई के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

छात्रा लक्ष्मी की मौत के मामले में जांच ही नहीं कराई
पिछले दिनों किला चौकी के पास ट्रांसफार्मर की फेंसिंग में दौड़ रहे करंट की चपेट में आने से छात्रा लक्ष्मी की मौत के मामले में बिजली विभाग ने अपनी गलती होने से इन्कार कर दिया था। लोगों का कहना था कि ट्रांसफार्मर की फेंसिंग में करंट आने की शिकायत कई बार की गई थी, लेकिन विभाग ने उसे ठीक नहीं कराया गया।

अधीक्षण अभियंता विकास सिंघल का कहना था कि गंदगी से पानी भर जाने के कारण छात्रा करंट की चपेट में आई थी। इस मामले में विभाग ने कोई जांच ही नहीं कराई। दैवीय आपदा बताकर छात्रा के परिवार को पांच लाख का मुआवजा दिया और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।

चार्जर फटने को युवक की मौत का कारण बता दिया
आंवला क्षेत्र के बहोड़ा खेड़ा गांव में 27 मई को बिजली की घरेलू लाइन में हाईवोल्टेज करंट आने से कई घरों में धमाके साथ बिजली के उपकरण फुंक गए थे और करंट से एक युवक की मौत हो गई थी। हादसे में अलग-अलग घरों में छह लोग झुलस गए थे।

गांव के लोगों ने ट्रांसफार्मर पर तारों के गलत कनेक्शन से हादसा होने की आशंका जताई थी लेकिन बिजली विभाग के अधिकारियों ने मोबाइल का चार्जर फटने को युवक की मौत का कारण बताकर कोई कार्रवाई नहीं की। तमाम घरों में हुए हादसों को भी नजरंदाज कर दिया। इस मामले में जांच कमेटी बनी थी लेकिन उसकी रिपोर्ट आज तक नहीं आ सकी है।

विजिलेंस टीम में जूनियर इंजीनियर की तैनाती एमडी स्तर से होती है। इस मामले में मुख्यालय ने घटना की रिपोर्ट तलब की है। विजिलेंस टीम की रिपोर्ट को मुख्यालय भेज दिया गया है। कोई भी कार्रवाई एमडी स्तर से ही की जाएगी---राजीव कुमार शर्मा, मुख्य अभियंता।

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