खुलासा: 20 साल से बिना 33 हजार केवीए लाइन के चल रहा चौक उपकेन्द्र

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या, अमृत विचार। चौक उपकेन्द्र से जुड़े इलाकों में रोजाना होने वाले अभूतपूर्व बिजली संकट का अब राजफाश हुआ है। 'अमृत विचार' की पड़ताल में पाया गया कि उपकेंद्र को आज तक 33 हजार केवीए की लाइन ही नहीं मिली है। यह उपकेंद्र 20 साल से नियावां फीडर को मिली 33 हजार केवीए लाइन से जोड़ कर चलाया जा रहा है। जबकि यह नगर के सर्वाधिक लोड और संवेदनशील उपकेंद्र में है। इसी के चलते यह उपकेंद्र और इससे जुड़े उपभोक्ता लगातार बिजली संकट से जूझते हैं। 

चौक उपकेन्द्र से जुड़े इलाकों में रोजाना होने वाले बिजली संकट को लेकर खोजबीन की गई तो पावर कार्पोरेशन के जिम्मेदारों का सच उजागर हो गया है। विभागीय अधिकारी अभी तक लाइन टूटने और केबल जलने की बात कर संकट से पल्ला झाड़ रहे थे। जबकि सच्चाई यह है कि करीब बीस साल पहले 11 केवीए से 33 केवीए किए गए इस उपकेंद्र को दर्शननगर सब स्टेशन से कभी 33 हजार केवीए की सीधी लाइन दी ही नहीं गई है। बस नाम 33 केवीए कर उपभोक्ताओं को लालीपाप दे दिया गया था।

जबसे यह उपकेंद्र 33 केवीए का हुआ है तबसे नियावां उपकेंद्र को मिली 33 हजार केवीए की लाइन से जोड़ कर जैसे - तैसे चलाया जा रहा है। इस उपकेंद्र पर भार का यह आलम है कि अति व्यस्त चौक और बजाजा के साथ 25 से अधिक मोहल्ले जुड़े हुए हैं। उपकेंद्र के अन्तर्गत नौ हजार से अधिक उपभोक्ता और 80 हजार से अधिक की आबादी आती है।

हार्ट आफ दी सिटी स्थित इस उपकेंद्र से बिजली की खपत भी अन्य की अपेक्षा दुगनी है। यही कारण है कि बिना अपनी 33 हजार केवीए लाइन के चल रहे इस उपकेंद्र के अधीन इलाकों में रोजाना लोगों को घंटे दो घंटे नहीं बल्कि आठ से दस घंटे रोजाना बिजली संकट झेलना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त ओवरलोड होने से फाल्ट अतिरिक्त होती है। जबकि जब 33 केवीए का दर्जा दिया गया था तब जोर शोर से आपूर्ति सुधार का डंका पीटा गया था। 

नगर के सभी 11 उपकेंद्रों पर हैं दो से तीन 33 हजार केवीए लाइन
बिजली विभाग के अनुसार नगर में कुल 12 उपकेंद्र हैं। जिनमें सर्वाधिक वीआईपी उपकेंद्र सिविल लाइन जहां अफ़सरान रहते हैं वहां 33 हजार केवीए की तीन सीधी लाइन है। इसके अलावा अन्य दस उपकेंद्रों पर दो - दो सीधी लाइन दर्शननगर 33 केवीए से दी गई है। केवल चौक उपकेन्द्र ऐसा है जिसके पास अपनी कोई सीधी लाइन नहीं है। इसे नियावां से जोड़ कर चलाया जा रहा है। 

बीस साल से गुमराह हैं 25 मोहल्लों के लोग
पावर कार्पोरेशन के अफसरों के मायाजाल में फंसी 25 मोहल्लों की 80 हजार आबादी 20 साल से गुमराह है। 11 से 33 केवीए उपकेंद्र होने का सपना पाले उपभोक्ता इसीलिए लगातार बिजली संकट झेल रहे हैं। उपभोक्ता आकाश तिवारी, चंद्रमोहन, जहीर हसन, इकबाल हसन बताते हैं कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि यहां 33 हजार केवीए लाइन नहीं जुड़ी है। अभी तक मुगालते में थे कि यहां लाइन है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यहां सीधी लाइन जोड़ी जाए। 

चौक उपकेन्द्र के पास 33 हजार केवीए सीधी लाइन नहीं है। नियावां फीडर को मिली लाइन से जोड़ कर चलाया जा रहा है। यहां सीधी लाइन की बेहद आवश्यकता है ....नरेश जायसवाल, अवर अभियंता, चौक विघुत उपकेंद्र, अयोध्या।

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