पीलीभीत: निकासी फार्म पर हस्ताक्षर कराए और प्रबंधक ने हड़प लिए टर्म लोन के तीन लाख, जानिए मामला
पीलीभीत, अमृत विचार। उद्योग केंद्र से स्वीकृत कराए गए लोन के तीन लाख रुपये जालसाजी कर उड़ा लिए। पीड़ित जब जरुरत पड़ने पर रुपये निकालने पहुंचा तो इसकी जानकारी हुई। बैंक प्रबंधक, फील्ड ऑफिसर और कैशियर की मिलीभगत बताते हुए पीड़ित ने अधिकारियों से शिकायत की है।
पीड़ित खलील अहमद पुत्र जलील अहमद ने दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने उद्योग केंद्र पीलीभीत से लोन स्वीकृत कराया था। जिला उद्योग केंद्र ने एक बैंक की बरात बोझ शाखा में ऋण से जुड़ी फाइल भेज दी। बैंक ने टर्म लोन के मुताबिक 75 हजार और सीसी लोन चार लाख रुपये स्वीकृत किया।
बतौर टर्म लोन 75 हजार रुपये 19 अक्टूबर 2022 को रिलीज किया गया। जिसे पीड़ित ने प्राप्त कर लिया। 30 दिसंबर 2022 को चार लाख रुपये बतौर सीसी लोन स्वीकृत हुए। बैंक प्रबंधक व अन्य ने दो निकासी फार्म पर हस्ताक्षर कराए। उसी दिन एक लाख रुपये प्रार्थी को दे दिए। यह कहा कि बाकी के तीन लाख रुपये आपके खाते में ट्रांसफर कर देंगे। कुछ दिन बाद जब रुपये निकालने की जरूरत पड़ी तो वह बैंक गए। तीन लाख रुपये का निकासी फार्म भरा तो संबंधित बैंक कर्मचारी ने बताया कि खाते में तो इतनी रकम ही नहीं है। यह रकम तो 30 दिसंबर 2022 को ही निकाल ली गई थी।
जब इसके बाबत शाखा प्रबंधक, फील्ड ऑफिसर व कैशियर से बात की गई तो कई दिन तक टालमटोल करते रहे। मगर अभी तक धोखाधड़ी कर खाते से निकाले गए तीन लाख रुपये वापस नहीं किए गए। पीड़ित का कहना है कि षड्यंत्र के तहत जालसाजी करते हुए प्रबंधक, फील्ड आफिसर और कैशियर ने उसकी रकम उड़ाई है, जिसके पर्याप्त साक्ष्य भी उसके पास है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई व ब्याज समेत रकम दिलाने की मांग की गई।
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