शाहजहांपुर: हत्या के मामले दो अभियुक्तों को उम्रकैद, 26-26 हजार रुपये के अर्थदंड से भी किया गया दंडित
एक अभियुक्त बाल अपचारी, किशोर न्यायालय भेजी गई पत्रावली
शाहजहांपुर, अमृत विचार: सत्र न्यायाधीश भानुदेव शर्मा की कोर्ट ने गैर इरादन हत्या के मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोष सिद्ध होने पर दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा और 26-26 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इसी मामले में एक आरोपी को बाल अपचारी पाए जाने पर मामला किशोर न्यायालय भेज दिया। वहीं एक अभियुक्त की मुकदमा विचारण के दौरान मृत्यु हो गई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना खुदागंज के गांव कंधरापुर नवदिया निवासी वीरेश सिंह 15 मार्च 2006 को उसका भाई विदेश सिंह होली मिलने गांव में जा रहा था, उसी रास्ते पर मुन्नू सिंह बाइक से आ रहा था। उसने विदेश सिंह के ऊपर बाइक सीधी कर दी। इस बात पर दोनों में गाली-गलौज हो गई। इसके बाद विदेश सिंह घर चला आया।
इसके बाद 3:45 बजे मुन्नू सिंह अपने भाइयों रामऔतार, सुखवीर और भतीजे जगवीर सिंह के साथ घर पर आ गया। मुन्नू सिंह के हाथ में अपनी मां की लाइसेंसी राइफल थी, बाकी के हाथ में नाजायज असलाह थे। उस वक्त वादी वीरेश सिंह और उसका चचेरा भाई जैनेंद्र सिंह, उसकी मां सावित्री देवी तथा अन्य ब्रजेश सिंह, अखिलेश सिंह, विदेश सिंह आदि लोग दरवाजे पर मौजूद थे। इसी दौरान मुन्नू सिंह आदि ने गाली-गलौज करते हुए फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें फायर जैनेंद्र सिंह व उसकी मां को लगा।
गोली रामऔतार द्वारा किए गए फायर से लगी। इसके बाद शोर-शराबा होने पर हमलावर गालियां देते हुए अपने घर की ओर भाग गए। इलाज के दौरान जैनेंद्र सिंह की मौत हो गई। मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय भेज दिए। न्यायालय में मुकदमा विचारण के दौरान सुखवीर सिंह की मृत्यु हो गई।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाहो के बयान और शासकीय अधिवक्ता अनुज सिंह के तर्को को सुनने व पत्रावली का अवलोकन कर सत्र न्यायधीश भानुदेव शर्मा की कोर्ट ने दोष सिद्ध होने पर मुन्नू सिंह व रामऔतार को उम्रकैद की सजा और 26-26 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इसी मामले में एक आरोपी को बाल अपचारी पाए जाने पर मामला किशोर न्यायालय भेज दिया।
गैंगेस्टर में दो अभियुक्तों को पांच वर्ष की कैद: अपर सत्र न्यायधीश पंचम/ विशेष न्यायधीश गैंगेस्टर गरिमा सिंह ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप में गवाहों के बयान और शासकीय अधिवक्ता अमित वाजपेयी के तर्को को सुनने व पत्रावली का अवलोकन कर दोष सिंद्ध होने पर थाना तिलहर के गांव विधनापुर निवासी दिलासाराम और दिमाग बहादुर को पांच-पांच वर्ष की कैद और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। दोनों के खिलाफ वर्ष 1999 में थानाध्यक्ष गौरीशंकर यादव ने मामला दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
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