बरेली: कारोबारियों को मिलेगी राहत, लेट फीस के साथ दाखिल कर सकेंगे रिटर्न
जीएसटी काउंसिल के हाल में किए संशोधनों से जिले के 18 हजार व्यापारियों को मिलेगा लाभ
बरेली, अमृत विचार। रिटर्न को लेकर जीएसटी काउंसिल की ओर से हाल में किए गए संशोधनों से जिले के करीब 18 हजार कारोबारियों को राहत मिलेगी। अफसरों का दावा है कि सबसे बड़ी राहत उन छोटे व्यापारियों को मिलेगी, जिनका रिटर्न दाखिल न करने की वजह से पंजीकरण रद्द हो चुका है। 31 अगस्त तक वे पिछला रिटर्न लेट फीस के साथ दाखिल कर सकेंगे। उनका पंजीकरण बहाल हो जाएगा। वहीं, काउंसिल ने व्यापार स्थल के भौतिक सत्यापन के दौरान निदेशक या प्रोपराइटर के मौजूद रहने की अनिवार्यता को भी समाप्त कर दिया है।
डिप्टी कमिश्नर ब्रजेश ने बताया जिन व्यापारियों का 31 दिसंबर 2022 तक रिटर्न नहीं भरने के कारण पंजीकरण रद्द कर दिया गया था। अब 31 अगस्त तक लेट फीस के साथ रिटर्न फाइल करने पर उनका पंजीकरण बहाल कर दिया जाएगा। इससे व्यापारियों के साथ ही ट्रांसपोर्टरों को भी राहत मिली है।
दरअसल पिछले साल ट्रांसपोर्टरों पर नियम लागू किया गया था कि पंजीकृत व्यापारी से जीएसटी वसूलकर जमा करने की जिम्मेदारी उनकी होगी। इसके लिए हर वित्तीय वर्ष से पहले उनको घोषणा फार्म भरना पड़ता था। इसकी अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है। ट्रांसपोर्टर जब चाहे तब इसे शुरू कर सकता है।
कर चोरी रोकन को कारोबार का होगा भौतिक सत्यापन
अभी तक निदेशक या प्रोपराइटर का आधार सत्यापित होने पर भौतिक स्थल का सत्यापन नहीं होता था। पान मसाला, तंबाकू, सुपाड़ी, लोहा जैसे उत्पादों का कारोबार करने से पहले विभाग हर हाल में भौतिक सत्यापन करेगा, तभी पंजीकरण होगा। ये फैसला टैक्स चोरी रोकने के लिए उठाया गया है, क्योंकि 30 फीसदी से ज्यादा टैक्स चोरी इन्हीं उत्पादों में होती है।
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