अमेठी: मिशन चंद्रयान-3 का हिस्सा बनने पर श्वेता बरनवाल ने कही यह बड़ी बात
अमेठी। श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (इसरो) से शुक्रवारदोपहर दो बजकर 35 मिनट पर भारत के मून मिशन चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक छोड़ा गया। बता दें कि भारत के इस मिशन पर जहां पूरी दुनिया की निगाहें टिकी थी, वहीं अमेठी के लिए भी इसका महत्व और बढ़ गया है। दरसअल शहर की बेटी श्वेता बरनवाल भी इस मिशन की टीम का हिस्सा रहीं। श्वेता ने बताया कि कई मिशन में वह हिस्सा रहीं हैं, लेकिन चंद्रयान-3 में टीम का हिस्सा बनने पर वह गर्व महसूस कर रहीं हैं।
स्वेता ने बताया कि बचपन से वैज्ञानिक बनने की सोच थी। घड़ी विक्रेता व शहर के ककवा रोड निवासी सत्य नारायण बरनवाल की बेटी श्वेता बरनवाल इसरो में वैज्ञानिक है। श्वेता की कक्षा एक से कक्षा 8 तक की पढ़ाई शहर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर और विद्या मंदिर में हुई। शिव प्रताप इंटर कॉलेज से हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, इसके बाद बीटेक यूपीटीयू लखनऊ से किया। बीटेक में स्वेता ने 492 रैंक हासिल की। इसके बाद आईआईटी, मद्रास से एमटेक में प्रवेश लिया।
हालांकि, उसका दूसरा सेमेस्टर एमटेक में चल रहा था तभी 16 अक्टूबर 2021 को इसरो में वैज्ञानिक के लिए हुए इंटरव्यू में चयन हो गया। मार्च 2022 में श्वेता ने इसरो में वैज्ञानिक के तौर पर काम करना शुरू किया। चंद्रयान मिशन-3 में क्रायोस्टेज प्रोपेलेंट एंड ऑक्सीडाइजर सर्विसिंग में श्वेता काम रही हैं। श्रीहरिकोटा पहुंचे पिता सत्यनारायण बरनवाल, मां रीना बरनवाल ने फोन पर बताया कि प्रक्षेपण के समय वह भी दर्शक दीर्घा का हिस्सा रहे।
उन्होंने बताया कि यह उनके लिए गौरव का क्षण था। इस मिशन में उनकी बेटी भी टीम का हिस्सा है। इसकी जानकारी होते ही अमेठी वासियों में जहां हर्ष है वहीं शिव प्रताप इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य नवल किशोर सिंह, दिग्विजय सिंह, पवन कुमार द्विवेदी, भीम सिंह, जगदीश यादव, आकांक्षा आदि ने इस पल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अमेठी के लिए गौरव का पल है।
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