प्रतापगढ़: श्रद्धालुओं का मन मोह रहा बाबा घुइसरनाथ धाम का चांदी जड़ित अरघा
प्रतापगढ़। कल-कल बहती सई नदी के तट पर विराजे स्वस्फुटित बाबा घुइसरनाथ धाम सावन में भक्तों से भरा है। यहां बाबा का अरघा अब चांदी जड़ित होने से भक्तों को और आकर्षित कर रहा है। इस धाम की महत्ता अन्य प्रदेशों तक भी जानी जाती है। जन आस्था के प्रतीक इस धाम के स्वरूप का कायाकल्प भी हो गया है।
इस बार सावन मास में श्रद्धालुओं को अब महाकालेश्वर धाम सहित देश और प्रदेश के ख्यातिप्राप्त ज्योतिर्लिंगों की तरह बाबा घुइसरनाथ के भी चांदी के अरघे में अलौकिक दर्शन का दिव्य पुण्य मिल रहा है। चार दशक पहले मंदिर तक पहुंचने के लिए सिर्फ ऊबड़-खाबड़ रास्ता था। सावन-भादों में जब सई उफनाती थी तो श्रद्धालु डोंग या बांस की चहली के सहारे मंदिर तक पहुंच पाते थे। उसमें उनकी जान का जोखिम होता था।
अस्सी के दशक में इस बाबा धाम के सुंदरीकरण का श्रीगणेश किया गया। धाम में मुख्य प्रवेश द्वार, परिक्रमा मार्ग, सई नदी पर पुल व पक्के घाट, आडिटोरियम, डाक बंगला, बैंक, दो पैदल सेतु, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विद्युत उपकेंद्र, सोलर प्लांट, गंगा सरोवर आदि सुविधाएं श्रद्धालु पा रहे हैं।
राष्ट्रीय एकता महोत्सव के साथ यह पर्यटन स्थल के रूप में भी तेजी से विकसित हो रहा है। यहां पर श्रावण मास के मेले में जमकर भीड़ हो रही है। लोगों को संभालने में मंदिर प्रशासन के साथ-साथ पुलिस प्रशासन भी लगा रहता है। महंत मयंकभाल गिरि ने बताते हैं कि भोर में आरती के लिए भी भारी संख्या में भक्त प्रतीक्षा करते रहते हैं।
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