बरेली: कोई तो हमारी सुन लो, हम सब ‘बेरोजगार’ हैं
बरेली,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की वजह से हुए लॉकडाउन ने युवाओं की ऐसी कमर तोड़ी है कि डिग्रियां लिए दर-दर भटकने के बाद भी कहीं रोजगार नहीं मिल पा रहा है, जिनके पास नौकरी थी, उन्हें भी निकाल दिया गया। हालात से तंग आकर युवाओं ने अपना गुस्सा सोशल मीडिया पर निकालना शुरू कर दिया …
बरेली,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की वजह से हुए लॉकडाउन ने युवाओं की ऐसी कमर तोड़ी है कि डिग्रियां लिए दर-दर भटकने के बाद भी कहीं रोजगार नहीं मिल पा रहा है, जिनके पास नौकरी थी, उन्हें भी निकाल दिया गया। हालात से तंग आकर युवाओं ने अपना गुस्सा सोशल मीडिया पर निकालना शुरू कर दिया है, जिनके पास रोजगार नहीं है सोशल मीडिया पर उन्होंने अपने नाम के आगे बेरोजगार लगाना शुरू कर दिया है।
अपने नाम के आगे बेरोजगार लगाने वाले युवाओं का कहना है कि इन दिनों दर-दर भटकने के बाद भी उन्हें कोई रोजगार देने को तैयार नहीं है और शायद ही ऐसा कोई संस्थान हो जहां धड़ल्ले से छंटनी नहीं की जा रही है।

छात्र नेता बंटू कहते हैं कि इस लाकडाउन में रोजगार न मिलने की वजह से युवाओं ने एक साथ बेरोजगार शब्द को सोशल मीडिया पर ट्रेंड कराने का फैसला लिया। जिससे उनकी यह बात सरकार तक पहुंचे और सरकार को यह पता चल सके कि उनके देश में इस समय कितने लोग बेरोजगार घूम रहे हैं। इससे सरकार रोजगारी के लिए कोई कदम उठाए।
दमखोदा ब्लॉक के विपिन गंगवार का कहना है कि जब हर जगह से निराशा ही हाथ लगी तो युवाओं ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। किसी भी तरह उनकी बात सरकार तक पहुंचनी चाहिए। इसी तरह अन्य बेरोजगार युवाओं ने इस मुहिम में अपना योगदान दिया है। इस समय सोशल मीडिया पर हजारों की संख्या में लोगों ने अपने नाम के आगे बेरोजगार लिखकर विरोध का एक नया तरीका निकाला है। साथ ही अन्य लोगों से भी इससे जुड़ने की अपील कर रहे हैं।
