Auraiya में यमुना नदी में बढ़ रहे पानी को लेकर प्रशसन अलर्ट, Kannauj में गंगा का बढ़ा जलस्तर, गांवों में घुसा पानी
औरैया और कन्नौज में गंगा का जलस्तर बढ़ा।
औरैया और कन्नौज में गंगा का जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। यमुना नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को अभी से अलर्ट कर दिया गया है।
कानपुर टीम, अमृत विचार। औरैया में यमुना नदी में दिन पर दिन बढ़ रहे पानी को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। यमुना नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को अभी से अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही प्रशासन की ओर से बनाई गईं बाढ़ चौकियों पर तैनात राजस्व कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए।
कन्नौज में गंगा का बढ़ा जलस्तर
चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज नरौरा से मंगलवार की सुबह आठ बजे फिर 2,13,749 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया, जिससे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दो दिनों में जलस्तर काफी बढ़ जाएगा, जिससे कटरी इलाके के गांवों में पानी घुस जाएगा। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अधिशासी अभियंता (सिंचाई खंड) ने गंगा के सभी तटबंधों निरीक्षण किया।
हिमांचल प्रदेश व उत्तराखंड में हो रही भीषण बारिश को देखते हुए नरौरा बांध से चार दिन पहले 2,11,074 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद गंगा का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया और कटरी इलाके के गांव कासिमपुर में पानी घुसने लगा था। मंगलवार को फिर नरौरा से 2,13,749 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। इसके बाद जलस्तर में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि होने लगी है।
इसको लेकर जिला प्रशासन की मुश्किलें बढ़ने लगीं हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने बाढ़ राहत के इंतजाम कर लिए हैं। गंगा के किनारे बाढ़ राहत चौकियां बनाई गई हैं। उन पर राजस्व विभाग की 15 टीमों को तैनात किया गया है, जो बाढ़ की प्रतिपल जानकारी दे रहे हैं। कलक्ट्रेट में भी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है तो महादेवी घाट पर पीएसी की फ्लड कंपनी तैनात है।
तटबंधों की निगरानी करेगा सिंचाई विभाग
गंगा के दूसरे छोर पर तटबंधों की निगरानी सिंचाई विभाग कर रहा है। मंगलवार को अधिशासी अभियंता (सिंचाई खंड) पारसनाथ ने कासिमपुर व बख्शीपुरवा गांव जाकर दोनों तटबंधों को देखा। उन्होंने ग्रामीणों को तटबंधों पर न जाने की सलाह दी और मछुआरों को भी गंगा के पानी में जाने से रोक दिया है। गांवों के लोगों को सुरक्षित बाढ़ राहत शिविर में जाने के निर्देश दिए गए हैं। सिंचाई विभाग के कर्मचारी भी गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
