बरेली: पुलिस के हाथ आई गोला की कुंडली, अब तक बचे सहयोगियों पर होगी सख्ती

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। धोखाधड़ी कर निवेशकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले आईसीएल कंपनी के सीएमडी आरके गोला की पूरी कुंडली प्रेमनगर पुलिस कानपुर के चिटफंड कार्यालय से लेकर आई है। पुलिस के हाथ कंपनी का पूरा ब्योरा लगने से ठगी के इस मामले में कार्रवाई में तेजी आएगी। साथ ही उन लोगों की पहचान भी की जा सकेगी जो अब तक पुलिस की गिरफ्त से बचे हुए थे।

प्रेमनगर थाने में आरके गोला और उसके सहयोगियों पर ठगी की 12 एफआईआर दर्ज हैं। इस अलावा गोला पर अन्य कई जिलों में भी ठगी के मामले दर्ज हैं। कंपनी का रिकॉर्ड न मिलने से प्रेमनगर पुलिस को जांच में दिक्कत आ रही थी। कंपनी में बड़े पदे पर काबिज बहुत से लोगों का भी पता नहीं चल पा रहा था, इससे वह पुलिस की गिरफ्त बचे हुए थे। तीनों कंपनियों को ब्योरा हाथ लगने से अब पुलिस उन लोगों तक आसानी से पहुंच सकेगी तो इनमें विभिन्न पदों पर काबिज हैं। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी कर जल्द चार्जशीट दाखिल करने में मदद मिलेगी।

2008 में खड़ा करना शुरू किया ठगी साम्राज्य
मुकदमे की विवेचना कर रहे दरोगा सौरभ यादव ने बताया कि कंपनी ऑफ रजिस्ट्रार कानपुर से मिली जानकारी के मुताबिक आरके गोला के नाम से तीन कंपनियां आईसीएल मल्टी ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, आईसीएल इमेज प्राइवेट लिमिटेड और आईसीएल म्यूचुअल बेनीफिट्स प्राइवेट लिमिटेड रजिस्टर्ड हैं।इन तीनों कंपनी का ब्योरा पुलिस को मिला है। पहली कंपनी उसने 2008 में रजिस्टर्ड कराई थी। इन कंपनियों में उसकी पत्नी, भाई, पिता और परिवार के अन्य सदस्य भी डायरेक्टर हैं। इनके अलावा दो दर्ज अन्य लोगों के डायरेक्टर होने के साक्ष्य मिले हैं। अब इनकी भूमिका की जांच की जाएगी, इसके बाद इन पर कार्रवाई होगी।

बदायूं के रमजानपुर गांव का रहने वाला रामस्वरूप गोला गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था। मिट्टी के बर्तन बनाने का उसका पुश्तैनी पेशा था। गांव में उसके परिवार के पास महज आठ बीघा जमीन थी। शुरुआती दौर में वह बरेली की एक एमएलएम (मल्टी लेवल मार्केटिंग) कंपनी से जुड़ा, जिसमें काम करके उसने अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2008 में गोला ने अपनी खुद की कंपनी खोल ली और ठगी के इस धंधे में पैर पसरता चला गया। आज उसके पास करोड़ों की संपत्ति है। गांव में न सिर्फ उसकी आलीशान कोठी है बल्कि करोड़ों की जमीन भी है।

जनप्रनिधियों का था साथ तो पुलिस भी नहीं डालती थी हाथ
गोला में शुरुआती दौर में बरेली की जिस कंपनी में काम किया, उसी में उसके साथ काम करने वाले कई लोग आज राजनीति में बड़े पदों पर सक्रिय भूमिका में हैं। उनका संरक्षण होने की वजह से पुलिस भी उस पर हाथ नहीं डालती थी। उसके डेयरी फार्म पर भी नेताओं की पार्टियां हुआ करती थीं। जिसमें वह अभिनेत्रियों तक को बुलाता था और निवेशकों पर पैसा उन पर लुटाता था। उसे लगता था कि जब तक उसके सिर पर इनका हाथ है पुलिस प्रशासन उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। हालांकि अभी वह जेल में है।

ये भी पढे़ं- बरेली: मादक पदार्थ तस्कर अनीस समेत परिवार पर लगी गैंगस्टर

 

 

संबंधित समाचार