बरेली: 29 साल का सफर...नगर निगम में शामिल मथुरापुर को जाने की सड़क नहीं बन पाई
मथुरापुर और नंदौसी... नगर निगम में शामिल होकर कहीं के न रहे
सुरेश पांडेय/बरेली, अमृत विचार। मथुरापुर और नंदौसी की हजारों की आबादी को 29 साल पहले सुनहरे सपने दिखाकर ऐसा ठगा गया कि उबरने का कोई रास्ता ही नहीं बचा। जब तक गांव का दर्जा हासिल था, तब तक सरकार उन्हें जरूरत के विकास के लिए सीधे बजट देती थी लेकिन नगर निगम में शामिल होने के बाद वे कहीं के न रहे। अरसा हो गया, इन दोनों वार्डों के तमाम गांवों में जरूरत का कोई काम नहीं हुआ है। न सड़क है न लाइट और न ही नालियां और सफाई के इंतजाम। इन वार्डों का दुखद इतिहास यह भी है कि 29 सालों में कोई मेयर कोई उनका हाल देखने तक नहीं पहुंचा है।
वार्ड 37 नंदौसी में तो बंजरिया,गरगहिया, गोकुलपुर, परसाखेड़ा गौटिया, ललपुरा समेत पांच और गांव शामिल हैं। नगर निगम में शामिल होने के बाद इन गांवों का कितना ख्याल किया गया, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन गांवों में जाने के लिए कोई सड़क तक नहीं है। लोग ईंट भट्ठे से गुजरकर गांव पहुंचते हैं। जो अंदरूनी सड़कें हैं, उनमें गहरे गड्ढे हो चुके हैं। गांव में सड़क किनारे पोल लगे हैं लेकिन उन पर लाइट नहीं है। गांव में नाला आधा बनाकर छोड़ दिया गया है। बरसात होती है तो नाले का पानी उफनकर गरगइया गांव में भर जाता है।
चुनाव के दौरान विकास के दावे करने वाले जाने कितने नेता आए और चले गए लेकिन इन गांवों का हुलिया बिल्कुल नहीं बदला। सपा और बसपा के शासन में जो हाल था, वही भाजपा सरकार में भी है जिसके नेता दावा करते नहीं थकते कि जितना काम 50 सालों में नहीं हुआ, उससे ज्यादा कुछ सालों में करा दिया गया है।
गांव वालों की पीड़ा... श्मशान तक का रास्ता नहीं, खेत से जाना पड़ता है
आज तक कोई मेयर गरगहिया नहीं आया
गरगहिया गांव के वीरपाल सागर ने बताया कि गोकुलपुर गांव में श्मशान घाट है जहां जाने का कोई रास्ता नहीं है। लोगों को खेत से होकर अंतिम संस्कार के लिए जाना पड़ता है। परसाखेड़ा स्टेशन के सामने नई बस्ती में रहने वाले महमूद रजा और किशनलाल ने बताया कि बरसात में रेलवे लाइन के किनारे से कच्चा रास्ते पर पानी भर जाता है तो आना-जाना बंद हो जाता है। वीरपाल सागर ने बताया कि गांव को नगर निगम में शामिल हुए कई साल हो गए लेकिन आज तक कोई मेयर यहां नहीं आया है। इस बार चुनाव से पहले उमेश गौतम क्रॉिसंग से होकर नई बस्ती में पूर्व पार्षद के घर पहुंचे और वहीं से लौट गए। वह भी भट्ठे वाले रास्ते से ही आए थे। गर्मी के मौसम में उस समय मौसम रास्ता ठीक था। अगर मेयर या नगर निगम के अफसर बारिश होने के बाद एक बार गांव आएं तो उन्हें पता लगेगा कि वे लोग कितनी मुश्किलों में रह रहे हैं।
सुविधाएं कुछ नहीं फिर भी भेज दिए टैक्स के बिल
नंदौसी वार्ड में ही गंगापुर कॉलोनी है जहां रोड नंबर एक के पास कुछ शहरी सा इलाका दिखता है लेकिन यहां नालियां ऊंची और सड़कें नीची और गड्ढेदार हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम कोई सुविधा नहीं दे पा रहा है। हर तरफ भीषण गंदगी है, फिर भी नगर निगम ने घरों में टैक्स के नोटिस भेज दिए हैं। यहां के प्रेम नारायण शुक्ल हरीश प्रजापति, सुखलाल, सोनू कश्यप,कमलेश प्रजापति, मुकेश प्रजापति, साेनू पंडित,राकेश पाल, राजपाल,हीरालाल, बंटी,तारा देवी, कमलेश कुमार, राम सरन श्रीवास्तव आदि लोगों ने बताया कि लोगों को चार से 60 हजार तक के टैक्स बिल भेजे गए हैं, जिससे गांव में गुस्से का माहौल है।
मथरापुर में नालियां नहीं इसलिए सड़कों पर ही बहता है गंदा पानी
करीब दस हजार पांच सौ वोटर वाले वार्ड 27 मथुरापुर में कुछ सड़कें बनी हैं लेकिन नालियों के बगैर। इस कारण पानी सड़कों पर ही बहता है। परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की तरफ से मथुरापुर आने पर कमल भट्ठा वाली सड़क तो सड़क ही कहने लायक नहीं रह गई है। औद्योगिक क्षेत्र में ही सड़क पर तमाम गहरे गड्डे हैं जिनमें बिना बरसात के ही पानी भरा है। बंडिया में सड़कें तो बनी दिखी लेकिन सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर हैं। टूटी-फूटी गलियों में भी पानी भरा हुआ है। नालियां बजबजा रही हैं। बंडिया में बनी पानी की टंकी का प्रेशर इतना ज्यादा है कि कई जगह पाइप लीक हो गए हैं और पानी बह रहा है। मो. आरिफ ने बताया कि नलों में इसलिए टोटियां ही नहीं लगाई हैं कोई पानी के प्रेशर से घटिया पाइप फट जाते हैं। बंडिया से मथुरापुर तक सड़क पर कई जगह बजरी उखड़ी है और हादसे होते रहते हैं। मथुरापुर से हाईवे तक कई जगह बिजली के पोल की जगह बल्लियों पर केबल लटके हुए हैं। यहां महिलाओं ने बताया कि केबल से चिंगारी निकलती रहती हैं। बरसात में खतरा रहता है, पार्षद से कई बार कहा जा चुका है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
मथुरापुर वार्ड में कहीं भी बल्ली पर बिजली के केबल नहीं लगे हैं। कुछ गलियां कच्ची हैं, वह पिछली बार बनने से रह गई थी। इस बार उन्हें पक्की करवा दूंगा। वार्ड में सब काम हुए हैं- धर्मवीर साहू, मथुरापुर की पार्षद के पति।
नंदौसी वार्ड में निर्दलीय चुनाव जीता है। पहले वाले पार्षद ने जहां काम नहीं कराए हैं, उन्हें इस बार कराया जाएगा और जनता को राहत दिलाई जाएगी - उमेश गंगवार, नंदौसी की पार्षद के पति।
29 साल में इतने मेयर
- 1989 राजकुमार अग्रवाल
- 1995 सुभाष पटेल
- 2000 डॉ.आईएस तोमर
- 2005 सुप्रिया ऐरन
- 2012 डॉ.आईएस तोमर
- 2017 उमेश गौतम
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