Etawah News : यमुना का बढ़ा जलस्तर, तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा, ग्रामीणों का सतर्क रहने की दी गई चेतावनी

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Edited By Amrit Vichar
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इटावा में यमुना के जलस्तर में वृद्धि से बजने लगी खतरे की घंटी।

इटावा में यमुना का जलस्तर बढ़ने से खतरे की घंटी बजने लगी। वहीं, तटवर्ती इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ा।

इटावा, अमृत विचार। हथिनी कुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी से यमुना नदी से सटे बलरई के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। यमुना में आए उफान से क्षेत्र के किसानों द्वारा बोई हुई सैंकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो गई। किसान सदमे में है।टीम अमृत विचार ने यमुनानदी से सटे ग्रामो का दौरा करते हुए किसानों से ये जानने की कोशिश की कि यमुना में बढ़े जलस्तर को लेकर प्रशासन क्या प्रयास कर रहा है और किस तरह किसानों की फसल के साथ लोगो पर प्रभाव पड़ रहा है।

दिल्ली, आगरा आदि इलाकों में तबाही मचाने के साथ जसवंतनगर इलाके में भी यमुना नदी में पानी तेजी से बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। इटावा जिले में यमुना नदी की सीमा जसवंतनगर तहसील के खदिया गांव से शुरू हो जाती है वही जसवंतनगर क्षेत्र में यमुना में आई बाढ़ से हुए नुकसान की बात की जाए तो कचौरा पुल के समीप सिरसा की मड़ैया गांव के किसानों का काफी नुकसान हुआ है।

आपको बता दें कि यहां के किसान सिर्फ और सिर्फ खेती पर ही निर्भर हैं। खेती में किसानो ने इस समय सब्जी के लिए गोभी, टमाटर, बैगन, मिर्च समेत कई अन्य प्रकार की हरी सब्जियों की पौध उगाई थी। क्योंकि यहां यमुना की तलहटी में सब्जियों की पौध की उपज अच्छी होती है। सिरसा गांव की आबादी से यमुना नदी की दूरी लगभग 500 मीटर दूरी पर है, लेकिन यमुना में तेजी से पानी आ जाने से अब यमुना 50 से100 मीटर की दूरी पर बह रही है जबकि यहां के लोगों की आजीविका का मुख्य साधन उनकी खेती ही है और उनकी खेती यमुना के किनारे ही पड़ती है।

जिसमें इस समय ज्यादातर सब्जियों की ही पैदावार की गई थी वो भी यमुना की बाढ़ में समा गई। अब किसान चिंतित है और सरकार से हुए नुकसान के मुआवजे की गुहार लगा रहा है।वही यमुना के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से खतरनाक जलीय जीव मगरमच्छ आदि के होने की आशंका है  जिस कारण गांव के वाशिन्दों को रात में नींद भी नहीं आ रही।

जिन किसानों का भारी मात्रा में नुकसान हुआ है उनमें  तिलक सिंह, सरनाम सिंह, जीतू, गंगा सिंह, गणेश राजपूत, निर्मल दास, होरीलाल, अतर सिंह, अयोध्या प्रसाद, राधा कृष्ण, अभिलाख सिंह, संजू, पंकज राजपूत, राकेश बाबू, सुरेश बाबू, मुन्नीलाल, बदन सिंह आदि किसानो का काफी नुकसान हुआ हैं। इनमें किसान तिलक सिंह की नर्सरी में सबसे अधिक का नुकसान बताया गया है।वही प्रशासनिक स्तर से बाढ़ चौकियों के माध्यम से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही हैI

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