बरेली: किताबी ज्ञान के साथ छात्राओं को मिलेगी देश-दुनिया की जानकारी
बरेली, अमृत विचार। छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ देश दुनिया की भी जानकारी मिले, जो आगे प्रतियोगी परीक्षा में उनके लिए लाभप्रद हो। इसी मंशा के साथ जिले के कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में ओपन लाइब्रेरी की सुविधा शुरू कर दी गई है। लाइब्रेरी में रोजाना 2-3 घंटे अध्ययन के लिए बालिकाओं को प्रेरित किया जा रहा है।
जिले में 18 कस्तूरबा आवासीय स्कूल हैं। इन स्कूलों में करीब 17 सौ बालिकाएं पंजीकृत हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक लाइब्रेरी में समाचार पत्रों के साथ शिक्षाप्रद कहानियों से जुड़ी किताबें भी होंगी, जो उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी। छात्राओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि आगे चलकर वे आत्मनिर्भर बन सकें। वे किस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं, इसको लेकर भी उनकी काउंसलिंग कराई जाएगी। इस संबंध में रुपरेखा तैयार की जा रही है। बालिकाओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के साथ उनका स्वास्थ्य कार्ड भी तैयार कराया जाएगा। स्कूल में उन्हें कंप्यूटर शिक्षा भी दी जाएगी।
शिक्षिकाओं की मनमानी पर लगेगी रोक
कस्तूरबा स्कूलों शिक्षिकाओं के आने जाने की मनमानी पर रोक लगेगी। पूर्णकालिक शिक्षिकाओं को विद्यालय में अनिवार्य रूप से रात में रुकने के निर्देश दिए गए हैं। शासन से जारी पत्र के अनुसार स्कूल में नहीं रुकने पर शिक्षिकाओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूल में क्यूरिसिटी बॉक्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई बाहरी विद्यालयों में प्रवेश न कर पाए। इसमें लापरवाही हुई तो वार्डन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सभी कस्तूरबा स्कूलों में ओपन लाइब्रेरी की सुविधा शुरू करा दी गई है। साथ ही पूर्णकालिक शिक्षिकाओं और वार्डन के हर हाल में स्कूल में ही रुकने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।-संजय सिंह, बीएसए
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