हिमाचाल में भारी बारिश का अलर्ट, राहत व बचाव कार्य जारीः सुक्खू
शिमला। हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा है कि प्रदेश को आपदा की वजह से आठ हज़ार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। ऐसे में विपक्ष सरकार पर निराधार आरोप लग रहे हैं।
यह वक्त राजनीति का नहीं है, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को भी उनके साथ दिल्ली चलकर राहत राशि की किस्त के लिए केंद्र सरकार के पास चलना चाहिए ताकि प्रदेश को राहत मिल सके। सुक्खू ने कहा कि शिमला जिले के चिड़गांव की उपतहसील जांगला डिसवाणी पंचायत के जगोटी में बादल फटने से स्थानीय लैला खड में बाढ़ आ गई।
बादल फटने से एक ढाबा भूस्खनल की चपेट में आ गया। इसमें रह रहे तीन लोग मलबे में दबकर लापता हो गए हैं। शनिवार सुबह हुई घटना के बाद स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेक्यू शुरू कर दिया है। बादल फटने से इलाके में भारी नुकसान होने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि ढाबे के ढह जाने से मलबे में एक परिवार के तीन लोग लापता हो गए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इलाके में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। मनाली में लापता हुए नौसेना के जवानों के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो शव मलबे से निकाले जा रहे हैं और उनकी शिनाख्त की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मानसून की बारिश ने पूरे राज्य में कहर बरपाया है और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कम से कम 656 प्रमुख सड़कें और तीन राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गए हैं। विशेष रूप से, राष्ट्रीय राजमार्ग 505 लाहौल स्पीति जिले में ग्राम्फू से लोसर के बीच, एनएच-3 कुल्लू और मनाली के बीच और एनएच 707 सिरमौर जिले में शिलाई के पास अवरुद्ध है। लगातार बारिश के कारण 1673 ट्रांसमिशन लाइनों में बिजली आपूर्ति और 376 योजनाओं में जल आपूर्ति में भी बाधा उत्पन्न हुई है। गौरतलब है कि राज्य में बारिश से मरने वालों की संख्या 138 बताई गई है जबकि 169 लोग घायल हुए हैं।
अधिकारियों का अनुमान है कि राज्य और निजी संपत्तियों को राजस्व हानि 5000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। राज्य में कई घर, गौशालाएं और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो गई है। तमाम कोशिशों के बावजूद राहत और बहाली का काम धीमी गति से चल रहा है। लगातार बारिश ने पिछले 24 घंटों में सामान्य जनजीवन को और अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे राज्य में पानी, बिजली, संचार और परिवहन जैसी आवश्यक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
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