बरेली: एलन क्लब सब्जी मंडी का ठेका निगम के लिए बना गले की फांस

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। एलन क्लब सब्जी मंडी का ठेका नगर निगम अफसरों के लिए गले की फांस बन गया है। नीलामी में बढ़-चढ़कर बोली लगाकर 94 लाख 40 हजार में ठेका तो हासिल कर लिया लेकिन ठेकेदार फड़ वालों से पूरा पैसा वसूल नहीं पाया है। आखिर में निगम को ही अपने कर्मचारियों से वसूली करानी पड़ी है। अब नेताओं के फोन अफसरों के पास पहुंच रहे हैं।

एलन क्लब सब्जी मंडी का ठेका 11 महीने के लिए अप्रैल माह में हुआ था। यह ठेका 80 लाख में हुआ। इसमें 18 फीसदी जीएसटी भी ठेकेदार को ही देनी थी। इस तरह यह ठेका 94 लाख 40 हजार में हुआ। स्टांप ड्यूटी और अन्य खर्चे मिलाकर यह लगभग एक करोड़ तक पहुंच रहा है। मंडी में 205 फड़ अधिकृत हैं। प्रत्येक फड़ से 150 रुपये वसूले जा रहे हैं। 

ठेकेदार ने जब ठेका लिया था तब टेंडर नियमों में शामिल था कि वह नीलामी लेते समय 50 फीसदी पैसा जमा करेगा। शेष कब्जा लेने पर देना था। ठेकेदार की आर्थिक स्थिति 50 फीसदी राशि भी देने की नहीं थी। ऐसे में सत्ताधारी नेताओं ने अफसरों पर शर्त में ढील देने की गुजारिश की तो अफसरों को नेताओं की बात माननी पड़ी। अफसरों ने टेंडर शर्तों में छूट देते हुए भुगतान को 25-25 फीसदी चार बार में कर देने की सुविधा दे दी, लेकिन ठेकेदार यह राशि भी भुगतान नहीं कर पाया।

अब अफसरों ने ठेकेदार पर सख्ती करनी शुरू की, तो उसने भी हाथ खड़े कर दिये तो शनिवार को नगर निगम के राजस्व निरीक्षक के साथ गई टीम ने मंडी में फड़ लगाने वालों से वसूली की। कुछ फड़ वालों ने इस राशि को ज्यादा बताते हुए इसे भी नहीं दिया। सत्ताधारी पार्टी से जुड़े ठेकेदार ने अब एक बार फिर नेताओं की शरण में जाकर मदद की गुहार लगाई है। अब निगम अफसरों के सामने दिक्कत आ गई है कि वे राजस्व वसूली को सख्ती करें या नेताओं की बात मानकर राजस्व के नुकसान में सहयोगी बनें।

अधिक वसूली की शिकायत
नगर निगम में बढ़ते भ्रष्टाचार पर आरटीआई एक्टिविस्ट मुहम्मद खालिद जीलानी एडवोकेट ने कहा है कि एलन क्लब सब्जी मंडी के दुकानदारों ने डेढ़ गुना अधिक तहबाजारी वसूलने की शिकायत की है। यह नियम विरुद्ध है और अनुचित व्यापार प्रथा की श्रेणी में आता है। व्यापारी नेता राजकुमार मेहरोत्रा ने कहा कि निगम में भ्रष्टाचार कम नहीं हो रहा है। ठेका देने में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

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