Kanpur: ट्रेन पलटने से बम विस्फोट हो गया, घायल आ रहे, GSVM में शुरू हो रहा लाइफ इमरजेंसी सेविंग प्रशिक्षण केंद्र

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में शुरू हो रहा ‘लाइफ इमरजेंसी सेविंग’ प्रशिक्षण केंद्र।

कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में शुरू हो रहा ‘लाइफ इमरजेंसी सेविंग’ प्रशिक्षण केंद्र। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित पुतलों से जान बचाने का कौशल डॉक्टर सीखेंगे।

कानपुर, [शशांक शेखर भारद्वाज]। ट्रेन पलट गई है… बम विस्फोट हो गया है…सात मंजिला बिल्डिंग गिर गई है, तुरंत तैयार हो जाओ, घायल आ रहे हैं। यह किसी फिल्म का सीन या पुलिस अथवा अग्निशमन विभाग की मॉकड्रिल में की जा रही उद्घोषणा नहीं है।

आपदा काल में ऐसी परिस्थितियों से निपटने और लोगों की जीवन रक्षा के लिए डॉक्टरों को तैयार किए जाने का मिशन है, जिसके तहत  जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में शुरू होने जा रहे कौशल प्रशिक्षण केंद्र में डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) पर आधारित मैनिकिन्स (पुतले) रखे जाएंगे, जिनकी हालत गंभीर होगी और डॉक्टरों के सामने उनकी जान बचाने की चुनौती होगी। 

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में नेशनल लाइफ इमरजेंसी सेविंग स्किल्स का केंद्र शुरू होने जा रहा है। इसका भवन हैलट अस्पताल में रजिस्ट्रेशन बिल्डिंग के ऊपर  कोरोना काल से पहले बनकर तैयार हो गया था, लेकिन संक्रमण की वजह से केंद्र चालू नहीं हो सका था। कई बार टेलीमेडिसिन सुविधा शुरू करने पर मंथन हुआ, लेकिन योजना परवान नहीं चढ़ सकी।

अब नए सिरे से सेंटर के संचालन की तैयारी की गई है। जल्द ही तमाम आधुनिक उपकरण आने वाले हैं। केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के साथ गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में यह केंद्र शुरू हो रहा है।

पुतलों में होगी तरह-तरह की दिक्कत, जूझेंगे डॉक्टर 

प्रो. अनिल कुमार वर्मा के मुताबिक प्रशिक्षण के दौरान एआई आधारित पुतले मरीज के रूप में रहेंगे। उन्हें प्रोटोकॉल के अंतर्गत एंबुलेंस से उतारकर इमरजेंसी में लाया जाएगा। इसके बाद डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ जिंदगी बचाने में जुटेगा। पुतलों में तरह-तरह की दिक्कत रहेगी। इनमें हार्ट अटैक, लो पल्स रेट या ब्लड प्रेशर, सांस फूलने जैसी गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं। इन पर सही विकल्प का चयन (इलाज) करने पर डॉक्टरों को नंबर मिलेंगे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम खासतौर पर पीएचसी, सीएचसी और जिला अस्पतालों के डॉक्टरों के लिए होगा। सड़क हादसे या अन्य दुर्घटनाओं में सबसे पहले घायल इन्हीं स्थानों पर पहुंचते हैं।

डॉक्टरों का हुआ प्रशिक्षण 

जीएसवीएम मेडिकल के अलग अलग विभागों के पांच डॉक्टर पटना स्थित इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस से शनिवार को ही प्रशिक्षण लेकर लौटे हैं। इसमें एनेस्थिशिया के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार वर्मा, पेन क्लीनिक के प्रो. चंद्रशेखर सिंह, मेडिसिन के प्रो. एमपी सिंह, सर्जरी के प्रो. प्रियेश शुक्ला, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रो. पाविका लाल शामिल हैं। यह डॉक्टर अपने विभागों में अन्य फैकल्टी व पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित करेंगे।

नेशनल लाइफ इमरजेंसी सेविंग स्किल्स का सेंटर जल्द शुरू होने जा रहा है। यहां काफी एडवांस्ड तरीके से डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि मरीज की खराब स्थिति में उन्हें पहले क्या करना चाहिए और क्या नहीं। केंद्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस  आधारित पुतलों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।- प्रो. संजय काला, प्राचार्य,  जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज।

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