बरेली: उगाही का खेल... नौ हजार मुकदमों का बोझ छोड़ गई विजिलेंस टीम

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Edited By Amrit Vichar
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चार सालों में ताबड़तोड़ छापे मारकर दर्ज किए गए 14 हजार से ज्यादा मुकदमे मगर लंबित छोड़ दीं 60 फीसदी से ज्यादा विवेचनाएं

बरेली, अमृत विचार। उगाही के खेल में रोहली टोला में एक महिला की मौत तक की वजह बन जाने वाली बिजली विभाग की विजिलेंस टीम एंटी थेफ्ट थाने पर पिछले चार सालों में करीब नौ हजार मुकदमों का बोझ छोड़ गई है। विवेचना पूरी न किए जाने की वजह से साल दर साल बढ़ी लंबित मुकदमों की संख्या गवाही दे रही है कि किस कदर विजिलेंस टीम का जोर छापों पर रहा और विवेचना पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

विजिलेंस विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक बरेली के एंटी थेफ्ट थाने में पिछले चार सालों में बिजली चोरी के 14183 मुकदमे दर्ज हुए, इनमें से 8887 अब तक लंबित पड़े हैं। 2020 के बाद साल दर साल लंबित मुकदमों की संख्या बढ़ती चली गई। 2020 में सिर्फ एक मुकदमा लंबित था मगर 2021 में यह संख्या 877 हो गई। इसके बाद 2022 में इस रिकॉर्ड में 4103 मुकदमे और जुड़ गए। इसके बाद 2023 में भी 3907 मुकदमे लंबित छोड़ दिए गए।
बता दें कि बिजली चोरी के केस का निस्तारण तीन तरह से हो सकता है। पहला बकाया बिल के साथ जुर्माने की अदायगी और फाइनल रिपोर्ट लगाने से। इसके अलावा आरोपी की मौत होने की स्थिति में भी मुकदमे को खत्म कर दिया जाता है। चौथा विकल्प कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने का है। विजिलेंस और बिजली विभाग की टीमें लगातार छापे तो मारती रहीं लेकिन विवेचनाओं को पूरा करने पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस बीच विजिलेंस पर लोगों से उगाही के भी जमकर आरोप लगते रहे।

मंडल के बाकी थानों का भी यही हाल, अब विवेचनाएं निपटाने का निर्देश
बरेली की तरह मंडल के पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं के एंटी थेफ्ट थानों में भी बड़े पैमाने पर बिजली चोरी के मामलों की विवेचना लंबित है। पूरे बरेली मंडल में 2021 में 2845, 2022 में 8743 और 2023 के जून तक 8541 बिजली चोरी की विवेचना लंबित हैं। चार सालों में पूरे मंडल में कुल मिलाकर 34 हजार 268 रिपोर्ट दर्ज की गईं। इनमें 20 हजार से ज्यादा लंबित हैं। अब सीओ विजिलेंस मीनाक्षी शर्मा ने विवेचकों को लंबित विवेचनाएं जल्द निस्तारित करने का निर्देश दिया है।

महिला की मौत के बाद बंद पड़ी है विजिलेंस चेकिंग
रोहली टोला में विजिलेंस टीम की बदसलूकी की वजह से महिला की मौत के बाद से शहर में करीब दो सप्ताह से चेकिंग बंद है। रोहली टोला में 10 जुलाई को विजिलेंस टीम ने सुबह चार बजे सरवर जहां के घर का दरवाजा पीटना शुरू कर दिया था। गहरी नींद में सो रही सरवर जहां की पुलिस वालों की बदसलूकी के कारण हार्टअटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद बरेली से पूरी विजिलेंस टीम का दूसरे जिलों में तबादला कर दिया गया था। इसके बाद से विजिलेंस की चेकिंग बंद हो गई है।अधिकारियों का कहना है कि जल्द दोबारा चेकिंग शुरू कराई जाएगी।

आदेश के बाद भी टस से मस नहीं हुआ जेई
महिला की मौत के बाद विजिलेंस टीम की अगुवाई कर रहे जेई प्रदीप भारती को भी अधीक्षण अभियंता ने विजिलेंस से हटाने का आदेश जारी किया था लेकिन अब तक वह टस से मस नहीं हुआ है। जेई प्रदीप भारती को भी अधीक्षण अभियंता विकास सिंघल ने विजिलेंस से हटाकर किला उपकेन्द्र पर तैनात किया था लेकिन एक सप्ताह बाद भी जेई ने किला उपकेन्द्र पर चार्ज नहीं लिया है। बताया जाता है कि वह विजिलेंस में ही बने रहने की जोड़तोड़ में जुटा हुआ है।

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