मुरादाबाद : रामगंगा नदी के जलस्तर में आई कमी, दुश्वारियां बरकरार
अधिकांश किसान बैलगाड़ी से अपनी जान हथेली पर रखकर पशुओं के लिए नदी पार से ला रहे चारा
मुरादाबाद,अमृत विचार। आए दिन नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव आ रहा है, लेकिन लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही है। रविवार को भी रामगंगा पार जाने वाले लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। रामगंगा नदी का जलस्तर 188.94 मीटर रहा, जबकि गागन नदी का जलस्तर 189.45 मीटर दर्ज किया गया।
पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश की वजह से नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो गई। कई स्थानों पर बाढ़ भी आई, मुरादाबाद में काफियाबाद गांव के जंगल में पानी भर गया था। जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब बाढ़ खंड कंट्रोल रूम के अनुसार रामगंगा नदी का जलस्तर उतार पर है। लेकिन इसके बावजूद भी लोगों की समस्याएं कम नहीं हो रही है।
महानगर के बहुत से लोगों की रामगंगा पार खेती की जमीन है। जहां पर प्रतिदिन लोग खेती करने जाते हैं और अपने पशुओं के लिए चारा लाते हैं। लकड़ी का बना पुल पहले ही टूट गया था। जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब तो लोग नाव का सहारा ले रहे हैं और अधिकांश किसान बैलगाड़ी के माध्यम से अपनी जान हथेली पर रखकर पशुओं के लिए चारा ला रहे है। रविवार को सुबह आठ बजे रामगंगा नदी का जलस्तर मुरादाबाद में 189.06 मीटर रहा, लेकिन रात आठ बजे जलस्तर 188.94 मीटर पर आ गया। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता सुभाष चंद्रा ने बताया कि रामगंगा नदी के जलस्तर में रविवार को कमी आई है। इसके बावजूद भी एहतियात बरती जा रही है।
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