बरेली: जोगी नवादा में हुए बवाल को लेकर IMC ने पुलिस पर लगाया एकतरफा एक्शन का आरोप

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। जोगी नवादा में कांवड़ निकालने के दौरान हुए बवाल को लेकर पुलिस आरोपियों की धड़पकड़ के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। वहीं इस मामले को लेकर आज मुस्लिम पक्ष की ओर से आईएमसी के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसीएम प्रथम को दिया।

इस दौरान ज्ञापन देने आए  इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के राष्ट्रीय महासचिव मो. नदीम खां ने बताया थाना बारादरी के मोहल्ला जोगी नवादा में 23 जुलाई को दोपहर 2:30 बजे कांवड़ियों का जत्था गुजर रहा था। कांवड़ियों द्वारा शाही नूरी मस्जिद पर राख डाली गई जिसको नमाज पढ़कर निकल रहे लोगों ने मना किया। प्रभारी निरीक्षक थाना बारादरी द्वारा भी कांवड़ियों को राख डालने से रोकने की कोशिश की, परन्तु कांवड़ियों द्वारा राख डालना बंद नहीं किया गया। जिस पर मुस्लिम समुदाय द्वारा इसका विरोध किया गया। इस पर कांवड़ियों द्वारा पथराव शुरू कर दिया गया। 

इसके विरोध में मुस्लिम समुदाय द्वारा भी पथराव किया गया। जिससे कांवड़ियों द्वारा पथराव से कई व्यक्ति चोटिल हुए, परन्तु पुलिस द्वारा एक पक्षिये रिपोर्ट लिखी गई। मुस्लिम समुदाय की रिपोर्ट नहीं लिखी गई और न ही किसी का मेडिकल कराया गया जिसमें जाहिद नाम के व्यक्ति ने थाने में चोटिल अवस्था में पहुंचकर रिपोर्ट लिखाने की गुजारिश की, लेकिन  थाना बारादरी पुलिस द्वारा उसकी रिपोर्ट न लिखकर उसे थाने में बैठाल लिया गया। 24 जुलाई को शहरीन पुत्री असगर अली निवासी जोगी नवादा द्वारा दी गई तहरीर पर भी कोई मुकदमा कायम नहीं किया गया।

वहीं आज आईएमसी के पदाधिकारियों ने कहा कि वह लोग ज्ञापन के माध्यम से मांग करते हैं पूर्व में थाना बारादरी के अन्तर्गत दोनों पक्षों के मध्य एक समझौता हुआ था कि शाह नूरी मस्जिद के 300 मीटर के परिधि में जत्थे के व्यक्ति 10-10 के समूह में अनुशासित रूप से लाइन में होकर निकलेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस की गाड़ी के शीशे तोड़े गए, पुलिस से धक्का-मुक्की की गई वह कौन लोग थे। उनके विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत थाना बारादरी पुलिस द्वारा क्यों नहीं कराया गया। 

पुलिस प्रशासन द्वारा रास्ते में पढ़ने वाले मजार दरगाह मदरसे और मस्जिद की सुरक्षा व्यव्स्था पूर्व में क्यों नहीं सुनिश्चित की जाती है। अगर शाही नूरी मस्जिद की सुरक्षा व्यस्था पूर्व में सुनिश्चित कर दी जाती तो उस स्थिति में जो विवाद जोगी नवादा में हुआ वह नहीं हो पाता। पुलिस प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारियों की लापरवाही से यह विवाद हुआ उनके विरुद्ध भी जांच कराना अति आवश्यक है। ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और बिना अनुमति के कांवड़ यात्रा जो निकाली जा रही है उस पर प्रतिबंध लगाया जाए।

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