Chitrakoot News: मणिपुर की घटनाओं को लेकर वामपंथी दल आक्रोशित, विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
चित्रकूट में मणिपुर की घटनाओं को लेकर वामपंथी दल आक्रोशित।
चित्रकूट में मणिपुर की घटनाओं को लेकर वामपंथी दल आक्रोशित। दल ने विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इसके साथ ही कहा कि मणिपुर के सीएम बर्खास्त किए जाएं।
चित्रकूट, अमृत विचार। मणिपुर की घटनाओं को लेकर विपक्षी दलों का आक्रोश कम नहीं हो रहा। मंगलवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, उप्र किसान सभा, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की जिला इकाइयों ने विरोध प्रदर्शन किया। उप जिलाधिकारी को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देकर मणिपुर के मुख्यमंत्री को बर्खास्त करने की मांग की।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव अमित यादव एडवोकेट की अगुवाई में पार्टीजनों ने कैंप कार्यालय से जुलूस निकाला। ये गृहमंत्री इस्तीफा दो, मणिपुर मुख्यमंत्री इस्तीफा दो, मंहगाई, बेरोजगारी दूर करो, इंकलाब जिंदाबाद आदि लगाते हुए तहसील पहुंचे और वहां सभा कर सरकार को कोसा। अमित ने कहा कि जाति, धर्म, भाषा, भूगोल के नाम पर पहचान की राजनीति ने आदमी को ही आदमखोर बना दिया है। मणिपुर की महिलाओं को घेर कर नाच रही पुरुषों की भीड़ सरकार की अकर्मण्यता के कारण है।
कहा कि नफरत और पहचान की राजनीति ने जनता को भीड़ में बदल दिया है। अगर ये घटनाएं देश के गृहमंत्री और मणिपुर के मुख्यमंत्री को बेचैन नहीं करती हैं तो इनको इस्तीफा दे देना चाहिए। वामपंथी नेताओं ने इस बात पर रोष जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ढाई महीने से शांति की अपील नहीं की।
प्रदर्शन के बाद भाकपाइयों ने राष्ट्रपति को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा। इस मौके पर सुशील, दादूराम, जीवनलाल, हनुमान, राजनारायण, चंद्रमोहन गुप्ता, दिनेश, राममिलन, रामविजय, श्रीपाल, कमलाकांत, लवलेश, प्रकाश, राम सिंह, शिवनरेश, शिवपुराण, कमलेश आदि मौजूद रहे। उधर, उप्र किसान सभा ने प्रतिरोध दिवस मनाया।
इस दौरान हुई सभा में राज्य कार्यकारिणी सदस्य रुद्र प्रसाद मिश्र एडवोकेट ने कहा कि मणिपुर में जारी हिंसा देशवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। मैती और कुकी समुदायों को आपस में लडाया जा रहा है। भाजपा की राज्य सरकार इसे रोकने में असफल साबित हुई है। महिलाओ के यौन उत्पीडन के खौफनाक, शर्मनाक वीडियो सामने आ रहे है। ये क्रूर घटनाएं मानवता और देश को शर्मसार करने वाली हैं। महिला समिति की जिलाध्यक्ष पूनम ने कहा कि संघ समर्थित केंद्र सरकार की चुप्पी बहुत ही चिंताजनक है।
इस दौरान शिवमोहन यादव एडवोकेट, राजेंद्र प्रसाद, बाबूलाल, फेरम, सुभाष चंद्र, राजकरण आदि ने केंद्र सरकार की आलोचना की। बाद में ये लोग जुलूस के रूप में तहसील पहुंचे। उप जिलाधिकारी राजबहादुर को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें मणिपुर के मुख्यमंत्री को बर्खास्त करने की मांग प्रमुख है। इस मौके पर राजाराम, वीर बहादुर सिंह के अलावा माकपा कार्यकर्ता अजय सिंह एडवोकेट, शिवम्, लल्लू राम, रामप्रताप विश्वकर्मा, अंजू, अनामिका, रानू आदि मौजूद रहीं।
