Kanpur News : सावधान! 2300 कैमरों से चप्पे-चप्पे पर रखी जाएगी नजर, एक जगह से देख सकेंगे पूरा शहर, ऐसे समझे
कानपुर में स्मार्ट सिटी के तहत 2300 सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी।
कानपुर में स्मार्ट सिटी के तहत 2300 सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। स्मार्ट सिटी के आईसीसीसी कक्ष से आठ सौ सीसीटीवी कैमरे लिंक किए गए।
कानपुर, अमृत विचार। शहर को सेफ सिटी बनाने की कवायद तेज हो गई है। स्मार्ट सिटी के तहत 2300 सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। बैंक, मार्केट, पेट्रोल पंप, ऑटोमोबाइल, पुलिस चौकी व अन्य जगह लगे कैमरों को स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से लिंक करने की शुरुआत हो गई है। स्मार्ट सिटी ने अभी तक 788 कैमरों को लिंक कर लिया है। इसमें 600 स्मार्ट सिटी और 188 नए कैमरों को लिंक किया गया है। अधिकारियों के अनुसार योजना पर काम पूरा होने के बाद एक जगह से पूरे शहर पर नजर रखी जा सकेगी।
शासन की ओर से प्रदेश के 18 शहरों को सेफ सिटी बनाने की तैयारी है। इस सूची में कानपुर को भी शामिल किया गया है। मंगलवार को इस संबध में प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने अपर नगर आयुक्त प्रतिपाल चौहान से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सेफ सिटी कर रिपोर्ट ली। इस दौरान अपर नगर आयुक्त ने बताया कि सेफ की सिटी का कार्य तेजी से चल रहा है।
नगर निगम ने 250 से ज्यादा नए कैमरों को लिंक करा लिया है। 1500 कैमरों को जोड़ने का काम जारी है। उन्होंने बताया कि अभी ऑटोमोबाइल के 33, पेट्रोल पंप 178, पुलिस चौकी के 20 कैमरों को लिंक किया गया है। वहीं, व्यापार बंधु और उद्योग बंधु अगर राजी हो जाएं तो दुकानों के बाहर लगे कैमरों की स्टेटिक आईपी बदल हाईटेक कर लिंक कराया जा सकेगा।
सेफ और स्मार्ट सिटी एक साथ कर रहे काम
शहर में सेफ सिटी और स्मार्ट सिटी योजना एक साथ काम कर रही हैं। यहां इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) व ट्रैफिक सिग्नलों के संचालन को इन्टीग्रेट करने के साथ ही, कैमरे भी आईसीसीसी कक्ष से लिंक किए जा रहे हैं। चौराहों को हाइटेक करने के लिए साफ्टवेयर, तकनीकी सुविधाओं व हार्डवेयर की आवश्कयता को पूरा करने में जुटे हैं। कैमरों को ऑपरेशन एवं मेन्टीनेंस को लेकर भी अधिकारी कार्य कर रहे हैं।
कानून और यातायात व्यवस्था होगी दुरुस्त
कानून और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शहर में नए कैमरों के साथ ही पुराने सीसीटीवी कैमरों को हाइटेक कर स्मार्ट सिटी से लिंक किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी के द्वारा एक ऐप भी विकसित किया जा रहा है। जिससे पुलिस के आलाधिकारी सर्विलांस कैमरों के माध्यम से घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई कर सकेंगे। ट्रैफिक के एलर्ट भी मेट्रो सिटी की तरह काम करेंगे। इसके साथ डॉयल 112 को भी इन्टीग्रेट किया जाएगा। इन सभी की मॉनीटरिंग नगर निगम स्मार्ट सिटी मिशन के आईसीसी कक्ष से की जा सकेगी।
पांच पैरामीटर भी करना है पूरा
प्रदेश के सभी नगर निगम के लिए शासन की ओर से प्रतियोगिता भी शुरू की गई है। इसके तहत पांच पैरामीटर स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, अच्छी सड़कें, सेफ सिटी, आत्म निर्भरता पर शहरों को काम करना है। प्रतियोगिता के तहत जो शहर इन पांच पैरामीटर को पूरा करेगा शासन की ओर से 10 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। छह महीनें में पैरामीटर को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी के तहत सेफ सिटी पर भी नगर निगम काम कर रहा है।
कानून और यातायात व्यवस्था को और बेहतर करने का प्रयास जारी है। सेफ सिटी के तहत सीसीटीवी कैमरे और ट्रैफिक सिग्नल को एकीकृत किया जा रहा है। शहर में कई कैमरों को हमने स्मार्ट सिटी से लिंक कर लिया है।- प्रतिपाल चौहान, अपर नगर आयुक्त
