बरेली: समिति समीक्षा करने आ रही या खातिरदारी कराने?
विभिन्न विभागों के अफसरों को रहने, खाने-पीने से लेकर घूमने के लिए गाड़ियों का इंतजाम करने की सौंपी जिम्मेदारी
बरेली, अमृत विचार। विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासनिक विलंब समिति के सभापति डाॅ. हरि सिंह ढिल्लो 25 सदस्यों के साथ बृहस्पतिवार देर शाम सर्किट हाउस पहुंचेंगे। समिति यहां तीन जिलों के लंबित मामलों की सात बिंदुओं पर समीक्षा करेंगी। शहर में समिति के लिए जिस तरह से वीआईपी इंतजाम किए गए हैं उससे सवाल उठ रहा है कि वह समीक्षा करने आ रही है या खातिरदारी कराने। इस समिति के लिए भोजन, भ्रमण के लिए गाड़ियों की व्यवस्था के साथ चादरें, तौलिया स्वच्छ रखने और ठहरने वाले कमरों के एसी-कूलर दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी कई अफसरों को सौंपी गई है।
प्रभारी वीआईपी अधिकारी रेनू सिंह ने बुधवार को समिति का जो सरकारी कार्यक्रम जारी किया है, उसके मुताबिक सीएमओ को जीवन रक्षक दवाओं के साथ विशेषज्ञ, एंबुलेंस और दो इनोवा गाड़ी की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्य अभियंता विद्युत वितरण को दो इनोवा गाड़ी, मुख्य अभियंता बरेली विकास प्राधिकरण को भी दो इनोवा गाड़ी की व्यवस्था 27 जुलाई को एक बजे तक करने के निर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठ अधीक्षक केंद्रीय कारागार, अधीक्षक जिला कारागार, अधिशासी अभियंता जल निगम, अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि को समिति के भ्रमण पर प्रवास स्थल, बैठक स्थल पर समुचित व्यवस्थाएं भोजन सहित करने की जिम्मेदारी दी गई है। अधिशासी अभियंता प्रांतीय निर्माण खंड को अतिथि गृह के सभी कक्षों की सफाई कराने, एसी-कूलर सही स्थिति में लगाने, कक्षों की चादरें और तौलिया स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही अधिशासी अभियंता विद्युत यांत्रिक खंड को जनरेटर के लिए पर्याप्त ईंधन और ऑपरेटर की व्यवस्था करने का जिम्मा सौंपा गया है।
इन बिंदुओं पर अधिकारियों से सवाल करेगी समिति
जनपद में सभी कार्यालय में जनवरी 2019 से 31 दिसंबर 2022 के मध्य कार्मिक सेवानिवृत्त होने से संबंधित पेंशन, ग्रेच्युटी व अन्य देयकों के भुगतान की स्थिति, वृद्धावस्था-विधवा पेंशन के कितने मामले तीन वर्षों से लंबित हैं, किसानों के प्रतिकर से संबंधित तीन वर्षों में कितने ऐसे मामले हैं जिसमें भुगतान नहीं हुआ, बिजली-पानी से संबंधित कितने मामले हैं जो स्वीकृत होने के बाद भी एक वर्ष से लंबित हैं, भवनों के मानचित्र की स्वीकृति और सीलिंग की भूमि से संबंधित प्रमाणपत्र जारी होने के एक वर्ष से कितने मामले लंबित हैं, मृतक आश्रित के कितने मामले तीन वर्षाें से लंबित हैं और जीपीएफ के 2019 से दिसंबर 2022 तक कितने लोगों की भुगतान की स्थिति स्पष्ट हुई आदि बिंदुओं पर समिति संबंधित विभागों के अधिकारियों से सवाल करेगी। समिति 28 जुलाई को विकास भवन में बरेली, रामपुर व बदायूं के अधिकारियों के साथ बैठक करेगी।
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