बरेली: वकील को बेटों समेत दो साल की सजा, सेशन कोर्ट में अपील
बरेली, अमृत विचार। वादी को धमकाने के मामले में बुधवार को एसीजेएम-2 कोर्ट ने सिविल लाइन्स निवासी अधिवक्ता निर्मल सिंह ग्रेवाल, उनके दो पुत्र जसप्रीत सिंह और तरनप्रीत सिंह को दोषी पाते हुए दो साल की सजा सुनाई है। उन पर तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। इस आदेश को चुनौती देते हुए बृहस्पतिवार को जिला जज की अदालत में अपील दायर क गई।
इस पर विपक्षी को नोटिस जारी कर सेशन कोर्ट ने सुनवाई के लिए 28 अगस्त की तारीख तय की है। तीनों को जमानत पर रिहा कर, अर्थदंड वसूली पर रोक लगा दी है। अधिवक्ता अजय कुमार निम ने बताया कि आदेश जायसवाल ने 28 अक्तूबर 2012 थाना प्रेमनगर में निर्मल सिंह और उनके बेटों पर धर्मकांटा चौराहे पर जानलेवा हमले का मुकदमा वापस लेने के लिए धमकाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सिविल कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर कार्रवाई को अर्जी
विवादित भूमि पर सिविल कोर्ट के यथास्थिति बनाए रखने के आदेश की अवहेलना पर किला छावनी निवासी अधिवक्ता राधेश्याम व कुंवरपुर निवासी सुनील कुमार ने सेशन कोर्ट में कार्रवाई कराए जाने को अर्जी दी है। वादी राधेश्याम के मुताबिक मामला दीवानी न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट ने 15 मई 2013 को यथास्थिति का आदेश दिया था, जोकि प्रभावी है।
आरोप है कि पुराना शहर निवासी मो. शहरोज व किला निवासी बबली आदि पुलिस, लेखपाल से मिलीभगत कर 16 जून को विवादित जमीन पर निर्माण करा रहे थे। कोर्ट का आदेश दिखाकर पुलिस, तहसीलदार से कार्रवाई के लिए कहा मगर निर्माण कार्य नहीं रुकवाया गया। एसएसपी, तहसीलदार सदर को आदेश का अनुपालन कराए जाने और विपक्षीगण को अवमानना पर दंडित किए जाने की याचना की है। अदालत ने विपक्षीगण को नोटिस जारी कर सुनवाई को 29 अगस्त की तिथि नियत की है।
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