अजब-गजब! 135 करोड़ का निवेश...एक रुपये में जमीन लेकर खड़ा करेंगे सपनों का महल
इन्वेस्टर्स समिट में एमओयू करने वाले उद्यमी की लीज पर जमीन के लिए डिमांड
अनुपम सिंह/बरेली, अमृत विचार। जिले में रोजगार के सपनों का महल खड़ा करने के लिए इंवेस्टर्स समिट में करोड़ों का निवेश करने वाले उद्यमी जमीन के संकट से जूझ रहे हैं। प्रशासन और शासन सभी की जानकारी में यह है। जमीन की कमी के बीच जिले के एक उद्यमी की मांग ने अफसरों को आश्चर्यचकित कर दिया है। 135 करोड़ का निवेश करने वाले उद्यमी ने एक रुपये प्रति एकड़ की दर से जमीन की मांग की है। समस्या के समाधान पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं।
फरवरी में हुए इंवेस्टर्स समिट में जिले से काफी संख्या में उद्यमी आगे आए थे। एमओयू पर हस्ताक्षर करने वाली उस वक्त 534 इकाइयां थीं। अभी पोर्टल पर 568 के करीब हैं। इन उद्यमियों ने 40.85 हजार करोड़ का निवेश का जिक्र किया था। इतने भारी भरकम हुए निवेश से 42 हजार लोगों को रोजगार देने की आस जगी थी, लेकिन समय के इतनी संख्या में लोगों को रोजगार देने की उम्मीद अब धुंधली होती दिख रही है। कई इकाइयों के डुप्लीकेट होने की आशंकाओं के बीच करोड़ों का निवेश और हजारों का रोजगार घट सकता है।
ऐसी आशंका विभागीय अफसर भी जाहिर कर रहे हैं। अब इस सबके बीच जिले के एक उद्यमी की मांग ने पहले से जमीन के संकट को दूर कर पाने में नाकाम दिख रहे अफसरों के सामने नई परेशानी खड़ी कर दी है। उद्यमी राजेश की ओर से एमओयू पर 135 करोड़ का निवेश करने के लिए साइन किए थे। बरेली में कहीं पर भी उन्हें 20 से 25 एकड़ जमीन की जरूरत है, लेकिन उद्यमी राजेश के पास सपनों का महल बनाने के खुद की जमीन नहीं है।
उन्होंने कंपेस्ट बॉयोगैस (सीबीजी) का प्लांट लगाने के लिए निवेश किया है, लेकिन जमीन की डिमांड प्रशासन से कर रहे हैं। उन्हें लीज पर प्रशासन से जमीन चाहिए। इसके लिए उन्होंने जो कीमत लगाई है, उसे जानकर प्रशासन भी हैरान है। निवेशक ने एक रुपये की दर से एक एकड़ जमीन की मांग की है। इसलिए 20 से 25 एकड़ जमीन के लिए उद्यमी 20 से 25 रुपये देंगे। अब ऐसे में इस डिमांड को लेकर अफसरों का चौंकना लाजिमी है। डिमांड को सुनकर जिला प्रशासन से लेकर जिला उद्याेग केंद्र के अफसरों ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
उद्याेग बंधु की बैठक में भी उठा मुद्दा
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु की हुई बैठक में एक रुपये प्रति एकड़ की दर से जमीन लीज पर लेने का मुद्दा डीएम शिवाकांत द्विवेदी समेत अन्य अफसरों व निवेशकों के सामने भी उठा। इस मांग को लेकर भरी बैठक में लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं रहीं, लेकिन सूत्रों की माने तो बैठक में इस मांग को लेकर किसी की सहमति नहीं दिखी।
अब हर बैठक में पहुंचेंगे 15 उद्यमी
बुधवार को हुई जिला उद्योग बंधु की बैठक में इंवेस्टर्स समिट में भाग ले चुके 15 से अधिक उद्यमियों को बुलाया गया था, लेकिन बमुश्किल आधे भी नहीं पहुंच पाए थे। यही नहीं, कुछ विभाग के अधिकारी भी नहीं पहुंचे थे। भोजीपुरा औद्योगिक क्षेत्र के अध्यक्ष अजय शुक्ला ने बताया कि डीएम ने सभी विभागों की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि बैठक में सभी विभाग और उनसे फाइल पास करा रहे उद्यमी जरूर आएं, जिससे समस्याओं को सुनकर निस्तारण कराया जाए। कहा कि बैठक में 15 उद्यमी जरूर आएं।
करोड़ों खर्च कर नहीं मिल रही जमीन, इधर एक रुपये में मांग रहे...
एक रुपये प्रति एकड़ जमीन लीज पर देने की मांग पर कई निवेशकों और अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि निवेश करने के लिए उद्यमी को जमीन की व्यवस्था खुद ही करनी है। सरकार जमीन देकर औद्योगिक नहीं लगवा सकती। चैप्टर चेयरमैन आईआईए तनुज भसीन का कहना है कि औद्याेगिक क्षेत्र के लिए जमीन खरीदने पर सरकार को सर्किल रेट से चार गुना अधिक दर पर जमीन देनी होगी। यही वजह है कि जमीन उद्यमी की खुद की होगी और जो दिक्कतें आ रहीं हैं, उन्हें सरकार दूर करने की कोशिश कर रही है। कई उद्यमी अलग-अलग वजहों से जमीन खरीद नहीं पा रहे हैं। उधर, इस मांग पर अधिकारी बात ही नहीं कर रहे हैं।
पॉलिसी के तहत मांगी है जमीन
एक रुपये प्रति एकड़ में लीज पर जमीन की डिमांड करने वाले उद्यमी राजेश का कहना है कि सरकार की पाॅलिसी में है कि एक रुपये प्रति एकड़ की दर से 30 साल तक के लिए औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए जमीन लीज पर दी जा सकती है। उसी पॉलिसी के तहत उन्होंने मांग की है। जमीन मिलेगी तो प्लांट जरूर लगाऊंगा।
जमीन को लेकर समस्या पहले से है। कई निवेशकाें के सामने अलग-अलग दिक्कतें हैं। उन्हें दूर करने की कोशिश की जा रही है। एक रुपये प्रति एकड़ की दर से जमीन लीज पर दे पाना संभव नहीं है। यह काफी जटिल समस्या है-सर्वेश्वर शुक्ला, संयुक्त आयुक्त बरेली मंडल।
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