कासगंज: देवांशलॉज पर कब्जे के मामले में डीएम ने शुरू कराई जांच, सदर लेखपाल से मांगा स्पष्टीकरण

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Edited By Amrit Vichar
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कासगंज, अमृत विचार। शहर में बीते कई दिनों से चर्चा का विषय बने देवांश लॉज पर कब्जे के मामले में नया मोड़ आ गया है। मामले में विधायक ने भी हस्तक्षेप किया है और डीएम को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की अपेक्षा की है। वहीं डीएम ने जांच एसडीएम सदर को सौंप दी है। एसडीएम ने सदर लेखपाल को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है और शिकायतकर्ता को भी नोटिस दिया है। लिखा है कि सिर्फ सोशल मीडिया पर शिकायत की गई है सभी दस्तावेज प्रस्तुत करें। इधर इस मामले में कार्यवाही से तहसील के जिम्मेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।

 शहर के नदरई गेट क्षेत्र देवांश लॉज पर भू-माफिया की नजर पड़ गई है। बीते कई दिनों से सोशल मीडिया पर मामला तूल पकड़ रहा था। लोग तमाम टिप्पणियां कर रहे थे कि शहर में बड़ा खेल हो गया है। मोटी रकम लेकर जिम्मेदारों ने संपत्ति हड़पना शुरू करा दी है। बाजार में व्यापारियों के बीच यह मामला काफी चर्चित रहा, लेकिन कोई भी शिकायती पत्र न होने के कारण इसकी पुष्टि नहीं हो रही थी। 

अब पीड़ित शहर के लक्ष्मीगंज निवासी वैजनाथ अग्रवाल खुलकर सामने आए है और प्रशासन ने भी कार्यवाही शुरू के दी है। मामले में लेखपाल पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम विवादित संपत्ति का बैनामा कराया है। सदर विधायक देवेंद्र राजपूत ने भी मामले में हस्तक्षेप किया है और डीएम हर्षिता माथुर को निष्पक्ष जांच के लिए पत्र लिखा है। डीएम ने मामले में एसडीएम सदर पंकज कुमार को जांच सौंप दी है। एसडीएम ने सदर लेखपाल प्रदीप कुमार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है और पीड़ित को भी नोटिस दिया है। लिखा है कि वह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपने दस्तावेज और शिकायत पत्र प्रस्तुत करें।

यह है मामला और यह लगे आरोप
पीड़ित की शिकायत है कि उनकी संपत्ति गाटा संख्या 38 और 37 जो नगर पालिका की सीमा में गांव अहरौली में आती है इसमें नदरई गेट निवासी कैलाश नाथ पुत्र सूरजप्रसाद ने विवाद उत्पन्न कर दिया है और एक भाग का सौदा भी गलत तरीके से कर दिया है। आरोप है कि कैलाश नाथ ने फर्जी दावा न्यायालय कासगंज में दायर किया और अदालत से आदेश प्राप्त करा लिया कि गाटा संख्या 37 व 36 में उनके कब्जा में हस्तक्षेप न करें। 

इस आदेश में गाटा संख्या 38 का कोई भी जिक्र नहीं हुआ है। तब भी कैलाशनाथ एवं उनके सहयोगी, सदर लेखपाल प्रदीप कुमार, शहर के नदरई गेट निवासी अश्वनी चतुर्वेदी, मुहल्ला नवाब निवासी राहुल कुमार ने गाटा संख्या 38 की संपत्ति पर कब्जा शुरू कर दिया और यहां उनका भवन तोड़ दिया है। लगभग चार करोड़ रूपये का लोहा एवं मलबा अपने लगभग 20 अज्ञात साथियों के सहयोग से उठा ले गए। दिन-दहाड़े डकैती डाली गई है।

तहसीलदार और नायब तहसीलदार करेंगे अलग-अलग जांच 
विधायक द्वारा दिए गए पत्र की जांच सदर तहसीलदार अजय कुमार करेंगे और लेखपाल पर लगे आरोपों की जांच नायब तहसीलदार बिलराम को सौंपी गई है। अलग-अलग दो जांच की जाएंगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन कार्रवाई करेगा।

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