अयोध्या: 38 में से 16 नलकूप बंद, 22 मोहल्लों में नहीं हो पर जलापूर्ति
जल निगम और आर एंड सी के बीच फंस गया है जलकल विभाग, भीषण उमस भरी गर्मी में छटपटा रही है डेढ़ लाख की आबादी
अयोध्या,अमृत विचार। भीषण गर्मी में अयोध्या नगर निगम की डेढ़ लाख की आबादी बिन पानी छटपटा रही है। रामपथ निर्माण कर रही आरएंडसी की लापरवाही से जलकल के 38 में से 16 नलकूप बंद पड़े हुए हैं, जिसके चलते 22 से अधिक मोहल्लों में जलापूर्ति नहीं हो रही है। प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति कब सुचारू होगी यह कोई भी नहीं बता पा रहा है।
नगर निगम के रामपथ निर्माण वाले इलाकों में जलापूर्ति और बिजली संकट कम होने के बजाए बढ़ता ही जा रहा है। बताया जाता है कि रामपथ का निर्माण कर रही आरएंडसी के कारण नगर निगम के जलकल विभाग के अधीन संचालित 38 नलकूपों में से 18 फिर बंद हो गए हैं। शनिवार दोपहर से इनके संचालन में टूटी हुई पाइप लाइनें रोड़ा बनी हुई हैं।
जलकल विभाग का कहना है कि जिन क्षेत्रों में टूटी पाइप लाइनें बनाई गईं वहां जोड़ने में लापरवाही बरती गर्इं जब नलकूप चालू किए गए तो अधिकतर पाइप लाइनें खुल गईं जिसके कारण नलकूपों का संचालन रोकना पड़ा। विभाग टूटी पाइप लाइनों का कोई सटीक आकड़ा तो नहीं दे सका, लेकिन सुपरवाइजर राकेश कुमार के अनुसार दो दिन में नियावां से अंगूरीबाग तक 25 और गुदड़ीबाजार व राठहवेली क्षेत्र में 13 पाइप लाइन टूटी हुई है।
उन्होंने बताया कि जब तक एक साथ सभी पाइप लाइनें नहीं बनेगी तब तक जलापूर्ति सुचारू नहीं की जा सकती है। थोड़े - थोड़े इलाकों में किसी तरह पानी की सप्लाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि रिकाबगंज और रिकाबगंज से नियावां रोड पर दस पाइप लाइनों में एक भी दुरुस्त नहीं हुईं हैं।
बता दें कि विगत चार माह से इस क्षेत्र में लगातार पाइप लाइन टूट रही है लेकिन बनाने में घोर लापरवाही बरती जा रही है। जहां चार महीने से लोगों को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है वहीं जलकल को भी लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ रहा है। जलकल की अवर अभियंता शशिकला के अनुसार रोजाना डेढ़ से दो सौ लोगों की शिकायतें दर्ज की जा रही हैं, लेकिन कोई निदान नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने बताया कि शनिवार शाम सभी 38 नलकूपों को चालू किया गया लेकिन टूटी पाइप लाइनों के कारण 16 नलकूपों को बंद करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि रविवार देर शाम तक इन्हें भी चालू किया जाए, लेकिन अभी कितनी पाइप लाइनों की मरम्मत की गई यह रिपोर्ट नहीं आई है।
उन्होंने बताया कि यदि रिपोर्ट नहीं मिलती तो आज भी संचालन मुश्किल होगा। वहीं भीषण उमस भरी गर्मी में लोगों को बिन पानी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिकाबगंज से लेकर नियावां तक आने वाले 20 से अधिक और अंगूरीबाग से आवास विकास कालोनी तक के क्षेत्र के लोगों को सबमर्सिबल वाले अगल-बगल के लोगों से पानी लेना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि बीते तीन महीने से जलापूर्ति को लेकर स्थिति बेहद खराब हो गई है। आरोप है कि जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी इस समस्या को लेकर कदापि गंभीर नहीं हैं। लोगों का कहना है कि टोल फ्री नम्बर पर एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं होता है।
जल निगम और आर एंड सी के बीच फंसी है जलापूर्ति व्यवस्था
लगातार टूटती पाइप लाइनों को लेकर जब संकट बढ़ा तो जल निगम को भी आर एंड सी के अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई। जल निगम के आते ही आरएंडसी के लोगों ने पाइप लाइन मरम्मत से हाथ ढीले कर लिए। नतीजा यह हुआ कि जल निगम भी भारी संख्या में टूटी पाइप लाइनों की मरम्मत नहीं कर पा रहा है। आरएंडसी के कर्मचारियों का कहना है कि जल निगम बना रहा है। जेई शशिकला का कहना है कि मूल जिम्मेदारी आर एंड सी की है जल निगम को सहयोग के लिए लगाया गया है। इन दो एजेंसियों के बीच में फंसी जनता पानी के लिए झटपटा रही है।
अंगूरीबाग क्षेत्र में बिजली की ट्रिपिंग से लोग परेशान
जलापूर्ति का संकट झेल रहे अंगूरीबाग के लोगों को शनिवार से बिजली की ट्रिपिंग भी झेलनी पड़ रही है। शनिवार दोपहर से हर दस मिनट पर बिजली ट्रिप हो रही है। रविवार को ही सुबह से दोपहर तक दस-दस मिनट पर बिजली आती और जाती रही। चौक उपकेंद्र से जानकारी की गई तो बताया गया कि लाइन खींची जा रही है इसलिए ट्रिपिंग हो रही है।
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