बिहार सरकार ने बोधगया मंदिर की सलाहकार परिषद का किया गठन, कई बौद्ध देशों के राजदूत बने उसके सदस्य 

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पटना। बिहार सरकार ने विश्व धरोहर स्थल और बौद्धों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल बोधगया मंदिर (महाबोधि मंदिर) की सलाहकार परिषद का गठन कर दिया है। महाबोधि मंदिर के लिए नवगठित सलाहकार परिषद में बौद्ध देशों के कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ-साथ केंद्र सरकार के प्रतिनिधि, गणमान्य व्यक्ति और बिहार विधान सभा के सदस्य शामिल हैं। 

बिहार सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार नवगठित सलाहकार परिषद मेें भूटान, थाईलैंड, म्यांमार, जापान, कंबोडिया, मंगोलिया, दक्षिण कोरिया, वियतनाम तथा लाओस के राजदूत और श्रीलंका के उच्चायुक्त बौद्ध देशों से सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं । बोधगया मंदिर के सलाहकार परिषद में भारत से बौद्ध सदस्यों के रूप में तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के प्रतिनिधि, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश एवं लद्दाख के धार्मिक विभाग के सचिव, महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के महासचिव, सेवानिवृत्त आईएएस एवं बोधगया मंदिर प्रबंधकारिणी समिति (बोधगया) के वर्तमान सदस्य सचिव नंग्ज़ी दोरजी को शामिल किया गया है। 

इस सलाहकार परिषद के अन्य सदस्यों में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव, बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के सचिव , कला, संस्कृति और युवा विभाग के सचिव , भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक, गया जिले के सांसद, बोधगया के विधायक, मगध प्रमंडल के आयुक्त, मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक, गया के जिलाधिकारी और बोधगया के नगर परिषद अध्यक्ष को शामिल किया गया है। बोधगया मंदिर की सलाहकार परिषद का मुख्य कार्य महाबोधि मंदिर एवं इसके परिसर केे प्रबंधन तथा सुरक्षा से संबंधित सभी मामलों पर बोधगया मंदिर प्रबंधकारिणी समिति को सलाह देना है। 

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