देवरिया: डीएम ने झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाने का दिया निर्देश
देवरिया। उत्तर प्रदेश का देवरिया जिला प्रशासन झोला छाप डाक्टरों के खिलाफ अभियान चलायेगा। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने रविवार को यहां अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चिकित्सा अधिकारी का दायित्व होगा कि वे अपने क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की गतिविधियां रोके। इसके लिए उन्हें आवश्यक पुलिसबल भी उपलब्ध कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने नॉन-परफार्मिंग एक्रीडेटेड सोशल हेल्थ एक्टिविस्ट (आशा) की सूची तलब की और कहा कि वर्तमान समय में आईसीडीएस विभाग द्वारा पोषण ट्रैकर एप द्वारा 34,506 गर्भवती महिलाओं को ट्रैक किया जा रहा है। समस्त एमओआईसी इन महिलाओं का संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करें। जिन क्षेत्रों में महिलाओं के संस्थागत प्रसव में कमी परिलक्षित होगी, वहां आशा की जवाबदेही तय की जाएगी।
स्वास्थ्य केन्द्र पर आने वाली प्रत्येक गर्भवती का संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। यदि निजी अस्पतालों के साथ आशा अथवा किसी अन्य स्वास्थ्यकर्मी की मिलीभगत मिली तो उनकी सेवा समाप्ति के साथ ही सुसंगत धाराओं में एफआईआर भी दर्ज किया जाएगा। उन्होंने परिवार नियोजन से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि बैठक में सामने आया कि जिले में 18 से 50 आयु वर्ग में 4,73,304 दंपति हैं, जिसमें से 1,91,992 दंपतियों के दो बच्चे हैं।
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