बरेली: मैरिज हाल से कूड़ा उठाने के लिए प्रत्येक महीने वसूले जाएंगे 10 हजार, तय हुईं दरें
DEMO IMAGE
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम ने डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए दरें तय कर दी हैं। कार्यकारिणी बैठक में सदस्यों ने इसमें कुछ बदलाव करते हुए पास कर दिया है। इसके अलावा अब नगर निगम क्षेत्र में कूड़ा फैलाना दंडनीय होगा। यदि कोई सार्वजनिक स्थल, मार्ग, पार्क, पानी के स्रोत आदि जगहों पर कूड़ा फैलाते या रखते पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रस्ताव के मुताबिक ईडब्ल्यूएस फ्लैट और पक्के घर के मालिकों को कूड़ा लेने आने वाली एजेंसी के कर्मचारी को 30 रुपये महीना देना होगा। 301 से 500 वर्ग मीटर के आवास वालों को 100 रुपये और इससे ऊपर के आवास वालों को 150 रुपये प्रत्येक महीने देने होगें। इसके अलावा मांस मछली की दुकान लगाने वालों को 1000 रुपये, 200 वर्ग फिट तक रेस्टोरेंट वालों को 500 रुपये और इससे ऊपर के वर्गमीटर क्षेत्र में बने रेस्टोरेंट संचालकों को 1000 रुपये देने होंगे।
वहीं 10 बेड वाले होटल संचालकों को 2000, 11 से 40 बेड वालों को 3500 और 41 से अधिक बेड वाले होटल लाज संचालकों को सात हजार रुपये देने होगें। धर्मशालाओं को 1000 रुपये देने होगें। तीन हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में बने मैरिज हॉल संचालकों को 3 हजार और 3001 से ऊपर के क्षेत्रफल वाले मैरिज हाल संचालकों को 10 हजार रुपये, 100 से 500 फुट तक की मिठाई की दुकान संचालक को 500 रुपये और 500 से ऊपर वाले क्षेत्र की दुकानों को एक हजार रुपये देने होगें।
20 बेड वाले नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों को एक हजार और इससे ऊपर के अस्पतालों को तीन हजार रुपये कूड़ा उठाने आने वाली एजेंसी को देने होगें। 100 से कम सरकारी और गैर सरकारी निजी कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों वाले कार्यालयों से 500 रुपये और 100 से ऊपर वाले कार्यालयों में एक हजार रुपये प्रति माह कूड़ा उठाने वाले को देने होंगे।
मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज सहित शिक्षण संस्थाओं से सिर्फ 500 रुपये शुल्क
बैठक में छात्रावास सहित चलने वाले शिक्षण संस्थान से तीन हजार और मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, व्यावसायिक शिक्षण संस्थान से पांच हजार से लेकर 21 हजार तक शुल्क वसूलने का प्रस्ताव आया। इस पर सदस्यों सहित मेयर डाॅ. उमेश गोतम और नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने भी इतने ज्यादा शुल्क का असर बच्चों पर पड़ना बताया। इसका भार छात्रों पर नहीं पड़े इसलिए बैठक में सभी तरह की शिक्षण संस्थाओं से केवल 500 रुपये का शुल्क लेना तय किया गया है।
चाय दुकानदारों को भी देना होगा 50 रुपये शुल्क
चाय की दुकानों में प्लास्टिक और कागज के ग्लास की बहुतायत संख्या गंदगी को बढ़ावा देती है। चाय बेचने वाले भी कूड़ा नाले या नाली में बहा देते हैं। नाला-नाली चोक न हो इसके लिए चाय बेचने वालों से 50 रुपये प्रतिमाह और कार बाइक शोरूम संचालकों से 1000 रुपये प्रतिमाह लेना तय हुआ है। एक हजार मीटर वाले व्यावसायिक काॅम्पलेक्स से दो हजार और इससे ज्यादा क्षेत्रफल में बने काॅम्पलेक्स से तीन हजार रुपये लिए जाएंगे। कबाड़ी की दुकानों से भी गंदगी होती है। इसे रोकने के लिए 100 मीटर वाली दुकान से 500 और इससे ज्यादा होने पर एक हजार रुपये देने होगें। पेट्रोल पंपों से भी 500 रुपये लिए जाएंगे।
डेयरी संचालक भी देंगे हर माह शुल्क
पॉश कालोनियों में खुली डेयरियां निगम के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। कई बार जुर्माना डालने के बावजूद उनमें सुधार नहीं आया है अब उनसे भी शुल्क लिया जाएगा। जिस डेयरी में चार गाय हैं, वहां से 30 रुपये, पांच से 10 जानवर होने पर 2 हजार, दस से ज्यादा जानवर होने पर 3 हजार रुपये वसूले जाएंगे। बाइक के सर्विस स्टेशनों से 1 हजार कार सर्विस स्टेशन के लिए 2 हजार वसूले जाएंगे।
यह भी पढ़ें- बरेली: बारिश से मिली राहत, शुक्रवार तक होगी हल्की बारिश
