बरेली: नीटू पर जानलेवा हमले में एफआर निरस्त, पिता-पुत्रों पर चलेगा केस

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बरेली, अमृत विचार। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अनुराग सिंह नीटू पर जानलेवा हमले के पांच वर्ष पुराने मामले में बिथरी चैनपुर पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी, जिसका नीटू ने विरोध किया। लघुवाद न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने एफआर खारिज कर परिवाद दर्ज कर विपक्षी रतिपाल व उसके दो पुत्रों प्रमोद व विनोद को समन भेज 30 अगस्त को तलब किया है।

नीटू ने थाना बिथरी चैनपुर में रिपोर्ट दर्ज कराकर बताया था कि छह अक्तूबर 2018 को रात नौ बजे घर के बाहर निकला तो प्रमोद, विनोद और रतिपाल ने जान से मारने की नियत से कई फायर किए। पैर में गोली लगने से वह गिर गए। शोर सुनकर पहुंचे लोगों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

विवेचक रणधीर सिंह ने पैर में गोली लगने को जानलेवा न मानते हुए एफआर लगा दी। कोर्ट ने आदेश में सख्त टिप्पणी करते हुए उल्लेख किया कि जिन मामलों में पुलिस मुठभेड़ दिखाई जाती है और पुलिस का कोई भी व्यक्ति घायल नहीं होता है, उसके बाद भी जानलेवा हमले की धारा 307 में आरोप पत्र दाखिल किया जाता है। पुलिस व आम आदमी के लिए अगल कानून नहीं हो सकता है।

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