Kanpur News: लंच के समय खेला खूनी खेल, मां की आंख रो-रोकर हुई नम, मनोवैज्ञानिक बोले- बच्चों को नकरात्मकता से बचाएं
कानपुर में छात्र ने सहपाठी की चाकू से गोदकर की हत्या।
कानपुर के बिधनू थानाक्षेत्र में लंच के समय छात्र ने सहपाठी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
कानपुर, अमृत विचार। बिधनू थानाक्षेत्र के गंगापुर गांव के रहने वाले छात्र नीलेंद्र तिवारी की चाकुओं से गोदकर हत्या की वारदात ने सबको हिला कर रख दिया। कक्षा आठ तक के बच्चों की छुट्टी होने के बाद योजनाबद्ध तरीके से सहपाठी ने लंच के समय खूनी खेल खेला। चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर नीलेंदऱ को लहूलुहान कर दिया। जब तक स्कूल के जिम्मेदार कुछ समझ पाते तब तक उसकी सांसे थम गईं। किस बात को लेकर सहपाठी छात्र नीलेंदऱ से मारपीट और खुन्नस रखता था। पुलिस उसको हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बच्चों को नकरात्मकता से बचाएं
अगर घर में तनाव रहता है, तो उसे तत्काल समाप्त करें। वातावरण पॉजिटिव एनर्जी वाला रखें। बच्चों को तरजीह दें। स्कूल और खेलकूद के बारे में पूछें और जानकारी दे। समय-समय पर गलत और सही की जानकारी दें। टीवी, मोबाइल और वीडियों गेम से थोड़ी दूरी बनवाएं। आउटर डोर गेम पर फोकस कराएं।
एनर्जी वाले गेम व किताबों से जोड़े
माता-पिता को चाहिए कि बच्चों के साथ समय-समय पर बच्चा बनकर खेलें। खेलकूद के दौरान उन्हें सकारात्मक बातें बताएं। उनके अंदर आत्मविश्वास पैदा करें। अच्छे कार्टून और फिल्में दिखाएं। हिंसक गेम और पिक्चर से दूर रखे।
लापरवाही पर खतरनाक बीमारियां
बच्चों की प्रति अनदेखी उन्हें कई मेंटल हेल्थ इश्यूज से ग्रसित कर देती है। छोटी उम्र में ही बच्चे डिप्रेशन, एंग्जाइटी, ओपोजिशनल डिफिएंट डिस आर्डर, हाईपरएक्टिविटी जैसी बीमारियां घर कर जाती है। बच्चों पर यह बीमारी हावी होते ही वे हिंसक हो जाते है।
