अमेठी : सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, इंटरलाकिंग में हो रही जमकर धांधली
एमबी कराकर धन के बंदरबांट की जुगत में है अधिकारी
अमेठी, अमृत विचार। नगर पालिका जायस में हो रहे विकास कार्यों के निर्माण में कार्यदायी संस्था द्वारा मानकों को दर किनार करते हुए जमकर धांधली बरती जा रही है। विस्तारित क्षेत्र पूरे पन्नू में 17 लाख रुपये से चल रहे इंटरलॉकिंग खड़ंजा निर्माण में मानक के अनुरूप खंडजा व नाली का निर्माण न कर दूसरे के दरवाजे चबूतरे का निर्माण कर धन का बंदरबांट करने की जुगत में लगे हैं। यही नहीं स्टीमेट में 150 मीटर खंडजे के निर्माण के साथ नाली का निर्माण प्रस्तावित था। मगर आधी अधूरी नाली का निर्माण कर महज 50 मीटर का ही खड़ंजे का निर्माण कर एमबी कराकर भुगतान की जुगत में लगे हैं।
नगर पालिका जायस के विस्तारित क्षेत्रों में इन दिनों इंटरलॉकिंग खड़ंजे का निर्माण कार्य नामित कार्यदाई संस्थाओं द्वारा करवाया जा रहा है। इसी क्रम में विस्तारित क्षेत्र अन्तर्गत पूरे पन्नू गांव में 150 मीटर लंबा व ढाई मीटर चौड़े इंटरलॉकिंग खंडजा व पक्की नाली का निर्माण राजू कोरी के घर से लक्ष्मण लोधी के घर तक प्रस्तावित है। जिसमें इस समय निर्माण कार्य चल रहा है। पहले तो प्रस्तावित रास्ते पर ग्रामीणों द्वारा कब्जेदारी को लेकर लंबे समय तक विवाद चला था। लेकिन पुलिस व राजस्व की संयुक्त टीम ने ग्रामीणों द्वारा किये गए अतिक्रमण को चिन्हित कर आवागमन को सुगम बनाने के लिए अतिक्रमण मुक्त कराकर खड़ंजे का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था।
प्रस्तावित राजू कोरी के घर से लक्ष्मण लोधी के घर तक 150 मीटर लंबा व ढाई मीटर चौड़ा इंटरलॉकिंग खड़ंजा व पक्की नाली का निर्माण 16 लाख 99 हजार रुपये से होना प्रस्तावित है। लेकिन कार्यदाई संस्था द्वारा निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है। खड़ंजा निर्माण 150 मीटर की जगह महज 50 मीटर की ही दूरी में निर्माण कर धन के बंदरबांट की जुगत में लगे हैं। वहीं निर्मित इंटरलॉकिंग खड़ंजे में कुछ ही दूरी तक नाली का निर्माण किया गया है। इंटरलॉकिंग खड़ंजा कहीं ढाई मीटर तो कहीं डेढ़ मीटर ही चौड़ा बनाया गया है।
मानकों के विपरीत हो रहे निर्माण की वजह से राजू कोरी और लक्ष्मण लोधी के घर के मध्य डेरा को जाने वाले रास्ते के सामने गली में जलभराव की स्थित पैदा हो गई है। जिसमें जल निकासी को कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जबकि निर्मित कार्यदाई संस्था के प्रोप्राइटर ने राजू कोरी और ननकू से प्रभावित होकर नियमों को दर किनार करते हुए उनके दरवाजे करीब 20 से 25 स्क्वायर फिट के चबूतरे पर हेजिंग बनाकर इंटरलॉकिंग का निर्माण करा दिया है।
ग्रामीणों की मांग है कि राजू कोरी और ननकू के दरवाजे पर जिस चबूतरे पर इंटरलॉकिंग की गई है। अगर उसकी जगह जलभराव वाली गली में इंटरलॉकिंग खड़ंजे का निर्माण कर दिया जाता तो इससे ग्रामीणों को जलभराव से मुक्ति मिल जाती। 150 मीटर लंबी व ढाई मीटर चौड़ी 16 लाख 99 हजार रुपये की लागत से बनने वाली इण्टरलाकिंग खंडजा व नाली का निर्माण को आधी कीमत में बनाई जा रही है। वहीं आशंका जताई जा रही है कि जेई व पालिकाकर्मी से सांठगांठ कर कार्यदाई संस्था एमबी कराकर पूरा भुगतान करने की जुगत में लगे है। जेई अमित पाठक ने बताया कि निर्मित कार्यदाई संस्था को किसी के दरवाजे चबूतरे पर खड़ंजा लगाने के लिए मना किया गया था। फिर भी ऐसा हुआ है तो उसकी एमबी नहीं कराई जाएगी।
बोले जिम्मेदार -
अगर प्रभावित होकर किसी के दरवाजे चबूतरे पर इण्टरलाकिंग लगवाई जा रही है तो उसका भुगतान नहीं होने दिया जाएगा, जितना इंटरलाकिंग खड़ंजे व नाली का निर्माण हुआ है, उतने की ही एमबी कराकर भुगतान होने दिया जाएगा।
-रविन्द्र मोहन ईओ नपा. जायस
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