Chitrakoot: एक नाम के दूसरे व्यक्ति को पुलिस ने किया गिरफ्तार, सपा प्रतिनिधि मंडल को नाबालिग छात्रा ने दी जानकारी

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Edited By Amrit Vichar
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चित्रकूट में एक नाम के दूसरे व्यक्ति को पुलिस ने किया गिरफ्तार।

चित्रकूट में एक नाम के दूसरे व्यक्ति को पुलिस ने किया गिरफ्तार। सपा प्रतिनिधि मंडल को नाबालिग छात्रा ने जानकारी दी। सपाइयों ने पीड़िता के घर जाकर मुलाकात की।

चित्रकूट, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को कालेज की नाबालिग छात्रा से मिलकर उसकी आपबीती जानी। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि पीड़िता ने बताया है कि एक नाम के दूसरे व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सही आरोपी को नहीं पकड़ा गया है। इसे पुलिस बचाना चाह रही है, ऐसा लग रहा है। 

गौरतलब है कि मानिकपुर के एक प्रतिष्ठित कालेज में नाबालिग छात्रा से शिक्षकों द्वारा दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद बीते दिनों सपा के जिलास्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात की थी। मंगलवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पहुंचे प्रतिनिधि मंडल ने भी पीड़िता और उसके माता-पिता से मुलाकात की।

राष्ट्रीय सचिव और पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद बालकुमार पटेल, विधायक अनिल प्रधान, पूर्व जिलाध्यक्ष भइयालाल यादव, अनुज सिंह यादव और जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह यादव शामिल रहे। प्रतिनिधि मंडल ने सीओ राजकमल से बच्ची को न्याय दिलाने का अनुरोध किया और कहा कि अगर पुलिस ने गलत रिपोर्ट दर्ज की है तो सुधार करें।

अन्यथा पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। रामआसरे विश्वकर्मा ने बताया कि अब मामला कोर्ट में है। पीड़िता जो बयान देगी, उसी आधार पर पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि दो दिन में वह अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को देंगे। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।

प्रधानाचार्य पर भी दर्ज हो रिपोर्ट

उन्होंने कालेज के प्रधानाचार्य पर भी सवालिया निशान लगाए। कहा कि पीड़िता ने बताया कि उसने दो बार प्रधानाचार्य से शिकायत की थी पर उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। ऐसे में प्रधानाचार्य पर भी रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए। उसकी भी गिरफ्तारी होनी चाहिए। 

आरोपियों से पुलिस की मिलीभगत

उन्होंने कहा कि इस मामले में लोकल पुलिस की लापरवाही साफ नजर आती है। ऐसा लगता है कि आरोपियों से पुलिस की मिलीभगत है। जब मामले ने तूल पकड़ा तो कई लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई और गिरफ्तारी हुई। अभी भी कई लोग पुलिस के फंदे से बाहर हैं, जिनको गिरफ्तार होना चाहिए। पीड़िता के घरवालों ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।       

सत्ता पक्ष का भी है दबाव

विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस पर सत्ता पक्ष का दबाव है। यही वजह है कि पुलिस ने आरोपियों के नाम नहीं उजागर किए।

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