बरेली: फायरिंग करने वालों को पहचान लेने का किया दावा...रिपोर्ट में बताया अज्ञात, जानिए मामला

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Edited By Amrit Vichar
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जोगी नवादा प्रकरण में कार्रवाई की शुरुआत के साथ पुलिस का खेल भी शुरू, मुस्लिम पक्ष के आरोपियों को भी अज्ञात बताया

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बरेली, अमृत विचार। जोगीनवादा में रविवार को हुए बवाल पर कार्रवाई की शुरुआत के साथ पुलिस का खेल भी शुरू हो गया है। कांवड़ियों के झुंड में घुसकर फायरिंग करने वाले जिन दो लोगों को चिह्नित करने का दावा किया गया था, अब उन्हें अज्ञात बताते हुए रिपोर्ट दर्ज की गई है।

ऊपर से अब उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देने का दावा किया जा रहा है। धरने पर बैठने वाली मुस्लिम पक्ष की महिलाओं समेत करीब सौ लोगों की गिरफ्तारी के लिए भी कथित तौर पर पुलिस और एसओजी की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। हालांकि अब तक कोई आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा है।

मुस्लिम पक्ष के खिलाफ थाना बारादरी में तैनात दरोगा वकार अहमद की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है जिसमें कहा गया है कि रविवार को दोपहर दो बजे वह फोर्स के साथ जोगीनवादा पहुंचे थे जहां कुछ कांवड़िए गंगाजल लेने कछला घाट जा रहे थे। इन्हें बीच में रोकने के लिए जोगीनवादा में दूसरे समुदाय की कुछ महिला, पुरुष और बच्चे रास्ते पर धरना देकर बैठ गए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें काफी देर समझाया लेकिन वे नहीं माने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हुए रास्ते में धरने पर बैठे रहे।

आरोप है कि इस दौरान महिलाओं ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ धक्कामुक्की भी की। काफी देर तक कछला जाने वाले कांवड़ियों का रास्ता रोके रखा। उन्हें बमुश्किल रास्ते से हटाया गया। पुलिस ने इस मामले में करीब सौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें महिला-पुरुष और बच्चों सभी को अज्ञात बताया गया है।

थाना बारादरी के ही दरोगा राहुल कुमार ने कांवड़ियों के झुंड में घुसकर फायरिंग करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है। दरोगा राहुल कुमार के मुताबिक वह फोर्स के साथ जोगीनवादा पहुंचे थे जहां मोहल्ले के लोग गंगाजल लाने के लिए इकट्ठे हुए थे। उनका विरोध करने के लिए दूसरे समुदाय के लोग भी भारी संख्या में जमा थे।

दोनों पक्षों से वार्ता की जा रही थी। कांवड़ियों के जत्थे के अध्यक्ष जत्थेदार डॉ. राकेश कश्यप पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से बात कर रहे थे। इस बीच दो असामाजिक तत्वों ने कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करते हुए जान से मारने के लिए फायरिंग की।

आरोप है कि इससे छत पर तैनात पुलिस कर्मी और वहां खड़ी महिला और बच्चे बाल-बाल बच गए। फायर होने के बाद भगदड़ मच गई। घर के बाहर खड़े कुछ महिला और बच्चे भगदड़ में गिर गए। इलाके में दहशत फैल गई और लोगों ने अपनी दुकानें और घर के दरवाजे बंद कर लिए। पुलिस गोली चलाने वालों को पकड़ना चाहा लेकिन वे भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

कहा गया है कि वीडियो चेक करने पर पता चला कि दो लोगों ने अवैध असलहों से जान से मारने की नीयत से गोली चलाई थीं। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बता दें कि सोमवार को गोलियां चलाने वालों का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उनके चेहरे साफ दिख रहे थे। पुलिस ने भी दोनों को पहचान लिए जाने का दावा किया गया था लेकिन अब रिपोर्ट में उन्हें अज्ञात बताया गया है।

फायरिंग करने वाले दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ जान से मारने की कोशिश और धरने पर बैठने वाली महिलाओं समेत सौ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस सभी की पहचान करने में जुटी है। जल्द सबको गिरफ्तार कर लिया जाएगा---- घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी।

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