अयोध्या : धरातल पर नहीं उतर पाया समदा का पीपीपी मॉडल
महीनों से स्वरूप तैयार कर रहा प्राधिकरण अब तक ड्राफ्ट को नहीं दे पाया अंतिम रूप
सोहावल/ अयोध्या, अमृत विचार। रिंग रोड से लगी और अयोध्या पर्यटन से जुड़ी समदा झील पक्षी विहार योजना का पीपीपी मॉडल अब तक धरातल पर नहीं उतर पाया है। निजी सेक्टर से विकसित होने वाली इस परियोजना का पूरा स्वरूप पिछले कई महीनों से प्राधिकरण तैयार करने में जुटा है, लेकिन ड्राफ्ट को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद झील में पक्षी और मछलियां सुरक्षित नहीं है।
पर्यटन की दृष्टि से पिछले वर्ष लगभग 67 हेक्टेयर में फैली और 9 करोड़ की लागत से शुरू हुई यह परियोजना पूरी तरह ईको टूरिज्म के रूप में विकसित होना है। बांध की खूबसूरती बढ़ने से सुबह-शाम सैकड़ों लोग परिवार व बच्चों संग भ्रमण के लिए आने लगे हैं। इसके विकास की कड़ी में रिसार्ट, अस्पताल, वाच टावर, टेंट सिटी आदि तमाम व्यवस्थाओं को लेकर अब निजी सेक्टर से कार्य किया जाना शासन से तय किया गया है।
पूरे प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार करने में प्राधिकरण की टीम पिछले तीन महीनों से लगी है, लेकिन अब तक ड्राफ्ट तैयार नही कर पाई। समझा जाता है अपने और कुछ चहेतों को गुपचुप लाभ देने के लिए प्राधिकरण ने अपने पोर्टल से ही सब कुछ जारी करने की योजना बनाई है। पोर्टल पर ड्राफ्ट डाले जाने की पुष्टि सचिव प्राधिकरण सत्येंद्र सिंह सप्ताह भर पहले ही करते रहे हैं, लेकिन परियोजना का पीपीपी मॉडल पोर्टल से आज भी गायब है। प्राधिकरण पीएमसी टीम की प्रमुख रुचिता ने बताया ड्राफ्ट अभी तैयार हो रहा है। जल्द ही यह पोर्टल सहित विज्ञापन तक पहुंच जाएगा।
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